मुख्यालय से सटे गांवों में सड़कों पर जलभराव
नाली नहीं बनने से सड़क पर भरा पानी, ग्रामीणों को परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। हाल ही में नगरपालिका क्षेत्र में शामिल किए गए शहर से सटे थरौली और जगदीशपुर गांववालों के लिए यह बरसात जलभराव की समस्या लेकर आई है। खुद को शहर में शामिल मान रहे इन लोगों की समस्या का समाधान न तो ग्राम प्रधान करवा रहे हैं और न ही नगर पालिका कोई ध्यान दे रही है। घुटनों तक पानी भरा होने के कारण इन दोनों गांवों के तीन हजार से अधिक परिवार अब सूखे मौसम का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें लगता है कि प्रशासन नहीं बल्कि प्रकृति ही उन्हें राहत देगी। थरौली निवासी राजेश कुमार कहते हैं कि गांव के लोगों को घुटने भर पानी में घुस कर आना जाना पड़ता है। थरौली जाने वाले रास्ते पर उनकी किराने की दुकान हैं। रास्ते में पानी भरने से दुकानदारी भी ठप हो गई है। बताया कि ग्राम प्रधान से जलभराव की समस्या दूर कराने के लिए गांववालों ने कई बार कहा लेकिन प्रधान बजट नहीं होने का बहाना बना कर टाल देते हैं। थरौली की ही सीमा ने बताया बरसात में कांशीराम कालोनी का भी पानी उनकी आबादी की तरफ छोड़ा जाता है। इससे सड़क पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर जाता है। दिव्यांग पति सरकारी कर्मचारी हैं। जलभराव के कारण रास्ता खराब होने से उन्हें एक सप्ताह की छुट्टी लेनी पड़ी। जगदीशपुर खुर्द निवासी अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि डीएम आवास से महज 500 मीटर की दूरी पर गांव है। उसके बाद भी अधिकारियों की नजर यहां नहीं पड़ती। गंदे पानी से आना-जना लोगों की मजबूरी बन गई है। जगदीशपुर खुर्द निवासी नागेंद्र ने बताया कि इस समस्या के बीच रहने की लोगों की आदत बन गई है। सफाई कर्मचारी भी गांव में सफाई करने नहीं आता है, जिससे हर ओर गंदगी पसरी रहती है। थरौली और जगदीशपुर के प्रधान प्रतिनिधि राजाराम ने बताया कि थरौली गांव राष्ट्रीय राजमार्ग से सटा है। इस पर नगर पालिका की ओर से सड़क किनारे नाले का निर्माण कराया जाना था। जो कि कुछ ही दूर खुदाई करके छोड़ दी गई है। ऐेसे में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। थरौली में स्कूल व हॉस्पिटल भी बने हैं जिसका निष्प्रयोज्य पानी भी वहीं गिराया जाता है। जलभराव का यह भी प्रमुख कारण है। जगदीशपुर गांव कांशीराम शहरी आवास के पीछे बसा है। चूंकि आवास शहरी योजना के अंतर्गत आता है और वहां भी जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी गांव में ही आता है।