सिद्धार्थनगर। स्वामी विवेकानंद की जयंती के मौके पर गुरुवार को जिले विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। जिला मुख्यालय स्थित रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक ब्रज किशोरमणि त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित थे। उनके विचारों में भारतीय संस्कृति के सभी तत्वों का मिश्रण था। एक ओर जहां वे वेदांत के अग्रणी थे वहीं दूसरी ओर अध्यात्म व वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रणेता भी थे। प्रधानाचार्य बालकृष्ण ने कहा कि विवेकानंद जी के गुणों को आत्मसात कर, जीवन में उतारने का प्रयास करने पर सफलता कदम चूमेंगी।
इसके पूर्व कार्यक्रम का आरंभ उनके चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान दिलीप श्रीवास्तव, महादेव प्रसाद, राजकिशोर चौधरी, अखंड प्रताप सिंह, दिग्विजय नाथ मिश्र, प्रदीप बहादुर सिंह रामशंकर सिंह, वेदांत पांडेय, शिवांशु मिश्र, विशाल त्रिपाठी, शिवम शुक्ल आदि मौजूद रहे। बेलहिया स्थित ज्ञान ज्योति पब्लिक स्कूल में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवा दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान उनके चित्र पर माल्यापर्ण किया गया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में प्रबंधक सुनील कुमार चौबे, प्रधानाचार्य पे्रमचंद, नर्वदा प्रसाद, अंकुर, रीमा, मंजू, शहनाज, स्नेहा, अनुपम, सुनीता, पूजा, शिवांगी समेत तमाम छात्र मौजूद रहे। वहीं जगमोहनी स्थित ब्रह्मर्षि बावरा सिद्धार्थ ममतागृह में पढ़ रहे अनाथ बच्चों ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यापर्ण कर देश का सम्मान पूरी दुनियां में बढ़ाने में उनके योगदान पर याद किया।
संचालक अरुण त्रिपाठी ने कहा कि विवेकानंद जी का जीवन प्रेरणदायी है और हम सभी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। जिस दिन देश के युवा उनके बताए रास्ते पर चलने की ठान लेंगे उसी दिन देश दुनियां का सिरमौर बन जाएगा। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य संकटा प्रसाद पांडेय, सुनील पाल, बबिता गौतम, गुड़िया, दिव्यांश, रमेश, अमित, रामाशीष, शिवशंकर, रीना, पूजा आदि मौजूद रहे। उत्कर्ष संस्थान स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीययुवा दिवस के रूप में मनाया और युवाओं को जागरूक करने के लिए कैंप लगाया। कैंप के जरिए विवेकानंद के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश की गई।
संस्थान के अध्यक्ष आनंद जायसवाल ने कहा कि जो विवेकानंद जी के विचारों को पढ़ेगा और आत्मसात करेगा वह निश्चित रूप से सफल होगा। इस दौरान तौफीक अहमद, प्रवीन कुमार दूबे, अंब्रीश कुमार अग्रहरि आदि मौजूद रहे। इसके अलावा एकल विद्यालय अभियान के नेतृत्व में गुरुवार को सेमरनार में स्वामी विवेकानंद की जयंती धूमधाम से मनाई गई। मुख्य अतिथि शेषराम गौड़ ने कहा कि युवाओं को समाज से जोडने का काम स्वामी जी ने किया और उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज व देश का कल्याण किया जा सकता है। इस दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रधानाचार्य चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, बृजेश कुमार सिंह, ओम प्रकाश, राजमणि, विजय कुमार, चेतराम शास्त्री, चैतू प्रसाद, अवधेश, योगेंद्र पांडेय, हरिलाल, शिवकरन आदि मौजूद रहे।
नेहरू युवा केंद्र पर भी राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया। समारोह का शुभारंभ युवा अध्यक्ष कैलाश दूबे ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं के योगदान को विवेकानंद ने दुनियां के सामने साबित किया। युवाओं में चेतना आने से देश का विकास संभव है। कार्यक्रम में संजय द्विवेदी, सीमा वर्मा, दीक्षा, प्रीती, सतीश कुमार, रवींद्र उपाध्याय, रियाज अहमद, अमित श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर विद्यार्थी परिषद नौगढ़ इकाई ने राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में संगोष्ठी का आयोजन किया। इस मौके पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भूपेंद्र सिंह राणा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के सपनों को साकार करने व भारत को फिर से विश्व गुरू बनाने का संकल्प हम सबको लेना चाहिए। हम अपने संगठन के जरिए युवाओं व समाज के
हित में कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में जिला संयोजक नित्यानंद शुक्ला, विशाल सिंह, शक्ति सिंह, सुप्रिया दूबे, मनोरमा सहानी, रूपा कुमारी, निशा, आदिति और कौशल आदि मौजूद रहे।