संवाद न्यूज एजेंसी
शोहरतगढ़। बानगंगा के तट पर बसे महथा के दक्षिण तरफ नदी का तेज बहाव बांध को काटता जा रहा है। कटान स्थल पर बचाव कार्य नहीं हुआ तो जलस्तर बढ़ने पर बानगंगा तबाही मचा देगी। इससे छह गांव डूब जाएंगे और सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो जाएगी।
बुधवार को बानगंगा के तेज बहाव से महथा गांव के दक्षिण बांध को तेजी से कटान होता देख ग्रामीणों के होश उड़ गए और सभी लोग पेड़ की डाल काटकर कटान स्थल पर फेंकने लगे, ताकि पानी का बहाव धीमा हो जाए और बांध को न काट पाए। डर के कारण गांव वाले पूरी रात बांध के पास पहरा देते रहे।
ग्रामवासी अमित आलोक अजय कल्लू राममोहित, रिंकू, आसिम नैय्यर, जितेंद्र गोस्वामी अंकित राजेश आदि ने कहा कि हर वर्ष इसी जगह बानगंगा नदी कटान करती है। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस इंतजाम नहीं किया। बोरे में मिट्टी भरकर रखने से बांध को नहीं बचाया जा सकता है। जब तक बोल्डर या ठोकर नहीं बनाई जाती।
ग्रामवासियों ने कहा कि पिछले वर्ष महथा गांव के बगीचे के पास बना रिंग बांध क्षतिग्रस्त हो गया था। तब ग्रामीणों ने पेड़ की डाल व बांस बल्ली रखकर कटान को रोका। गांव वालों ने कहा कि जब पड़ोसी मुल्क नेपाल के पहाड़ों पर बारिश अधिक होने लगती है तो सीमावर्ती क्षेत्र के सोतवा, जमुआर, धोरही, बानगंगा आदि नदियां उफान पर आ जाती हैं। तब यह पहाड़ी नदियां भारी तबाही मचाने लगती हैं। धारा का वेग अधिक होने से कई जगह कटान करने लगती हैं।
गांव वालों ने कहा कि महथा के पास बांध टूटा तो गजहड़ा, नहरी लेदवा, बौढ़ारी, मड़वा, मलगवां आदि गांव जलमग्न हो जाएंगे और भारी तबाही मचा देगी। गांव वालों ने प्रशासन से मांग की कि महथा बांध के गैप को तत्काल भरवाया जाए।