ठोकर निर्माण में मानक की अनदेखी पर एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते लोग।
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डुमरियागंज। स्पर निर्माण के नाम पर हर साल हो रहे कोरमपूर्ति से क्षुब्ध बड़हरा के ग्रामीणों ने शनिवार को प्रदर्शन कर काम रुकवा दिया। बड़ी संख्या में लामबंद ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे और गुणवत्तापूर्ण ढंग से काम करवाने की मांग की।
नगर से सटे राप्ती तट पर बसे बड़हरा गांव के लोग बरसात में बाढ़ आने पर हमेशा विस्थापित होने को मजबूर रहते हैं। पिछले साल आई बाढ़ में कटान को रोकने के लिए सिंचाई निर्माण खंड ने स्पर का निर्माण करवाया था। इसमें बोल्डर की जगह बोरे में ईंट के टुकड़े डालकर ठोकर बना दिया गया था। इस साल आई भीषण बाढ़ में स्पर पानी में बह गया। इससे नदी का कटान गांव के करीब पहुंच गया था। हालात विकट देखते हुए पूरे गांव को तहसील प्रशासन ने खाली करवाकर उन्हें नगर के पीपुल्स इंटर कॉलेज में करीब 15 दिनों तक रखा। बाढ़ थमने के बाद इस साल भी सिंचाई निर्माण खंड ने बड़हरा के पास ठोकर लगवाने के लिए लाखों का टेंडर कर दिया।
इस बार बोरे में ईंट के टुकड़े के बजाए नदी के किनारे की मिट्टी भरकर ठोकर का निर्माण करवाया जा रहा है। मानक विहीन काम देख शनिवार को गांव के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। लोगों ने ठोकर निर्माण को रुकवा दिया। ग्रामीण बाबूराम, लल्लू, ऋषि कुमार, झिनकनू, विकास, नरायन, रामधीरज, अनिल कुमार, गेल्हई, धूपा, गुलाबा देवी, सिम्मी और टीहुल चौरसिया आदि ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मानक विहीन हो रहे काम को रुकवाने की मांग की। साथ ही निर्माण की जांच करवाकर सरकारी धन का बंदरबाट करने वालों पर कार्रवाई की भी गुहार लगाई।
इस संबंध में एसडीएम राजेंद्र प्रसाद का कहना था कि निर्माण कार्य कराए जाने की जानकारी नहीं है। बड़हरा के लोगों ने शिकायती पत्र जरूर दिया है। संबंधित विभाग के अधिकारी को बुलाकर इसकी जांच कराई जाएगी। निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण ढंग से कराया जाएगा।