रात में किसी नए क्षेत्र में जा रहे हों तो सावधान रहिए। नया भेष, नया चाल-ढाल और नया चेहरा मुसीबत में डाल सकता है।
लगातार हो रही चोरी-डकैती और लूट की घटनाओं के बाद सहमे ग्रामीण हर अपरिचित को संदेह की निगाहों से देख रहे हैं। डकैत गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद नए वेश-भूषा और बोली के लोगों पर संदेह और गहरा हो गया हैं।
इसका असर सोमवार को गोल्हौरा थाना क्षेत्र में देखा गया। गांव में घूम रहे अपरिचित चेहरों को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। देर शाम तक पुलिस इनसे पूछताछ करती रही।
डकैतों के गिरोह को दबोचकर पुलिस भले ही इतरा रही हो, मगर आम जनमानस का खौफ अभी खत्म नहीं हुआ है। कोहरे में लिपटी ठिठुरन भरी रातों में चोर, डकैतों और लुटेरों के दस्तक की आशंकाओं से गंवई क्षेत्र के लोग अब भी सहमे हुए हैं।
पुलिस के हत्थे चढ़े गिरोह के सदस्यों के बारे में उजागर हुई जानकारियों के बाद ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले हर अपरिचित को संदिग्ध मान रहे हैं। अगर यह व्यक्ति सुबह या शाम नजर आ जाए तो संदेह और गहरा हो जा रहा है।
यह स्थिति उन क्षेत्रों में ज्यादा है, जहां डकैती और लूट की घटनाएं पहले हो चुकी हैं। दिन और रात भर लोग सतर्क निगाहों से ऐसे चेहरों को तलाश रहे हैं।
सोमवार को गोल्हौरा थाना क्षेत्र के गदुरहिया गांव में ऐसे तीन लोग दिखे तो ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। यह संदिग्ध एक धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए गांव में चंदा एकत्रित कर रहे थे।
सुबह नौ बजे इन पर ग्रामीणों की नजर पड़ी तो उन्हें रोक लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना पता बलरामपुर जिले का बताया। उनके नाम और काम करने का ढंग भी उन लोगों से मिलता-जुलता था, जिनका जिक्र पुलिस खुलासे में कर चुकी है।
लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची गोल्हौरा पुलिस तीनों संदिग्धों को थाने ले गई। देर शाम तक पुलिस उनसे पूछताछ करती रही। थानाध्यक्ष जयप्रकाश यादव ने बताया कि पूछताछ जारी है। पहचान पुख्ता होने के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा।