सिद्धार्थ नगर। नेपाल में बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में बंधे का कटान शुरू हो गया है, जिससे कूड़ा नदी के किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ गई है। गुजरवलिया गांव के सामने पश्चिम तरफ बंधे के कटान से संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक बंधे पर बाढ़ से बचाव के लिए कोई उपाय नहीं हुआ है। विभाग भी तभी बचाव कार्य पर जोर देता है, जब नदियां पूरे उफान पर आ जाती हैं। स्थायी समाधान न होने से लोगों में गुस्सा है।
कूड़ा नदी नेपाल से निकलकर भारत में अजमा होते हुए बरदहवा, सेमरी, तिघरा, तिड़मडी, गढ़मोर होते हुए मोहाना से उसका के पास राप्ती में जाकर मिलती है। नदी बेलौहा गांव के सामने कटान करते हुए सिंचाई विभाग के बंधे से मात्र 100 दूरी पर आ गई। यदि प्रशासन नहीं चेता लोटन क्षेत्र के बेलौहा, गुजरवलिया, केसारी, रमवापुर, पटखौली, पठानडिह सहित तमाम गांव का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
ब्लॉक प्रमुख आशीष सिंह, निरंजन चौरसिया, नंदलाल यादव, पप्पू उपाध्याय, बाबूलाल, बृजलाल यादव, श्रीराम, वंश गोपाल उपाध्याय ने कहा कि इस समस्या से डीएम को अवगत कराया गया है। इसके बावजूद स्थिति ज्यों की त्यों बनी है। केजी बांध जो कि नेपाल बार्डर से लेकर रामनगर रसियावल होते हुए पनेरा-पनेरी, बेलौहा, गुजरवलिया ,रमवापुर, सेमरा, ठडवरियां,मैनहवा के रास्ते सोहास तक जाता है।