वाणी, विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती का पूजनोत्सव शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। शिक्षण संस्थाओं में विविध आयोजन हुए। वैदिक मंत्रोच्चार से वाग्देवी की आराधना करते हुए बच्चों ने ज्ञान और विद्या की कामना की।
इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित मातृ सम्मेलन में बच्चों ने बसंती गीत, पंजाबी नृत्य, राजस्थानी गीत, कृष्ण भक्ति गीत की मोहक प्रस्तुतियां दी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसपी की पत्नी ऋचा साहनी ने कहा कि माता बालक की पहली शिक्षिका होती है। माता जैसा चाहेगी, उसी प्रकार बालक का निर्माण होता है। शिवाजी, ध्रुव, प्रहलाद, महाराणा प्रताप जैसे महापुरुषों के निर्माण में उनकी माता का अहम योगदान रहा है।
जेल अधीक्षक की पत्नी अवन्तिका गौतम ने कहा कि मातृशक्ति भारत की सनातन परंपरा है। मां बालक के सभी कार्य व्यवहार को आसानी से समझ लेती है।
कार्यक्रम में सुमन त्रिपाठी, किरण रस्तोगी, बिंदुमती पांडेय, नीतू पांडेय, पूनम मिश्रा, संगीता यादव, रेनू श्रीवास्तव, इसरावती देवी, पुष्पा श्रीवास्तव, शांति यादव, नीलम पांडेय, मंजू राय, मीना कसौधन, कविता पांडेय, गुंजा मिश्रा, सह प्रबंधक मदन मोहन सिंह, सुदक्षिणा सिंह, डॉ. रामनरेश मिश्रा, मुरलीधर अग्रहरि आदि मौजूद रहे।