द्वितीय चरण के मतदान में मतदाता सूची में अनियमितता मिलने पर जिला प्रशासन ने सख्त रूख अख्तियार करना शुरू कर दिया है। मतदान के दिन ग्रामीणों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद बुधवार को दो थाना क्षेत्रों में संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
पहली एफआईआर शोहरतगढ़ थाना में दर्ज की गई। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोहन कोला निवासी अब्दुल गफ्फार ने तहरीर दे कर कहा कि ब्लाक व तहसील के कर्मचारियों की मिलीभगत से ग्राम प्रधान चुनाव में प्रयुक्त होने वाली वोटर लिस्ट में जीवित मतदाताओं को नाम काट दिया गया है।
इससे साफ प्रतीत होता है कि कर्मचारियों ने व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कृत्य किया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर ब्लाक व तहसील के संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। दूसरी एफआईआर थाना चिल्हिया में दर्ज की गई।
वादी पटेश्वरी के अनुसार ग्रामसभा नवीन पकड़ी में 130 ऐसे मतदाताओं को नाम सूची में नहीं दर् ज किया गया, जो ग्राम के निवासी है। जिला विकास अधिकारी, सहायक खंड विकास अधिकारी, बीएलओ के साथ ग्राम प्रधान को नामजद किया है। गांव की राजनीति के कारण विकास विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ग्राम प्रधान ने नाम को कटवाया, इस कारण पात्र मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह गए।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दिया है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक मंशाराम गौतम ने बताया कि डीएम के निर्देश पर पुलिस मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई करने में जुटी है। निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पुलिस कटिबद्ध है।