श्रावस्ती व बलरामपुर के संबद्ध 26 महाविद्यालय हो जाएंगे विश्वविद्यालय से अलग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में अब संबद्ध महाविद्यालयों की संख्या कम हो जाएगी। गोंडा में विश्वविद्यालय की स्थापना की मंजूरी मिल गई है। जैसे ही राजभवन की अधिसूचना प्राप्त होगी, वैसे ही श्रावस्ती व बलरामपुर जिले के संबद्ध महाविद्यालय सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु से अलग हो जाएंगे।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, महराजगंज, श्रावस्ती व बलरामपुर के 282 महाविद्यालय संबद्ध हैं। गोंडा विश्वविद्यालय बनना तय हुआ तो बलरामपुर व श्रावस्ती के 26 महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय से अलग होना तय हो गया। हालांकि, वर्तमान में राजभवन की अधिसूचना प्राप्त नहीं हुई है, अधिसूचना मिलने के बाद श्रावस्ती और बलरामपुर के महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय से अलग करने की कागजी प्रक्रिया शुरू होगी। दोनों जिलों के महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय से अलग होने से पहले तक सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के अंतर्गत परीक्षा एवं अन्य कार्य होंगे।
शोध पात्रता परीक्षा में भाग लेंगे सभी महाविद्यालय
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में शोध पात्रता परीक्षा होनी है। श्रावस्ती व बलरामपुर के महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय से अलग करने की अधिसूचना प्राप्त नहीं हुई है। इस कारण इस परीक्षा में दोनों जिलों के महाविद्यालयों को भी शामिल किया जाएगा। विश्वविद्यालय के अलावा इससे संबद्ध 11 राजकीय व वित्त पोषित महाविद्यालयों के शिक्षक भी शोध के गाइड बनेंगे।
वर्जन
गोंडा में विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। इस कारण श्रावस्ती व बलरामपुर के महाविद्यालय विश्वविद्यालय से अलग होंगे। हालांकि, अधिसूचना प्राप्त होने तक दोनों जिलों के महाविद्यालयों संबंधी कार्य विश्वविद्यालय में ही होंगे।
-अमरेंद्र कुमार सिंह, कुलसचिव