सिद्धार्थनगर में बिना हेलमेट लगाए और ट्रिपल राइडिंग कर रहे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने के तमाम प्रयासों के बावजूद यहां लोगों की आदत नहीं बदल रही। बाइक चलाते समय हेलमेट न पहनना और तीन सवारी चलना स्टेटस सिंबल बन गया है। नतीजा हादसों के रूप में सामने है। पिछले तीन साल के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के विभिन्न मार्गों पर 334 सड़क हादसों में 213 लोग जान गंवा चुके हैं। जबकि 237 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए। मरने या घायल होने वालों में ज्यादातर बाइक चालक या सवार थे और किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था।
बाइक पर चलते समय हेलमेट न पहनने के कारण होने वाली क्षति का यह एक उदाहरण है। वास्तविक स्थिति इससे भी भयावह है। सड़क हादसों के दौरान सिर में आने वाली गंभीर चोट सिर्फ चालक या सवार को नहीं, बल्कि उनके परिवार को गहरे जख्म दे रहा है। बावजूद लोग नियमों की अनदेखी कर फर्राटे भरने से बाज नहीं आ रहे। वह भी तब जबकि पुलिस व यातायात महकमा भी उन पर अंकुश लगाने के लिए पूरी तरह सक्रियता के दावे कर रहा है। ट्रैफिक नियमों का अनुपालन कराने के लिए कड़े नियम भी बनाए जा चुके हैं, फिर भी स्थिति में खास सुधार नहीं है। जिले के विभिन्न मार्गों पर बाइक पर बिना हेलमेट चलने वालों की संख्या हजारों में है। जिला मुख्यालय, पुलिस ऑफिस जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से भी बाइक चालक को बिना हेलमेट गुजरते देखा जा सकता है।