छठवें संयुक्त राष्ट्र महासचिव के रूप मेें पहुंच रहे लुंबिनी
संवाद न्यूज एजेंसी
खुनुवां। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस मंगलवार को नेपाल स्थित गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी का दौरा करने आ रहे हैं। लुंबिनी विकास कोष के अनुसार रविवार रात को काठमांडू में उतरने के बाद गुटेरेस मंगलवार को अपराह्न चार बजे लुंबिनी आने वाले हैं। गुटेरेस लुंबिनी आने वाले संयुक्त राष्ट्र के छठवें महासचिव होंगे।
लुंबिनी विकास कोष के वरिष्ठ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ज्ञानिन राय ने बताया कि कोष ने महासचिव गुटेरेस के स्वागत के लिए आवश्यक तैयारी की है। मंगलवार सुबह नौ से 10 बजे के बीच महासचिव गुटेरेस की भागीदारी के साथ एक औपचारिक कार्यक्रम होगा। वहां मीडिया से रूबरू होंगे।
लार्कयाल लामा ने कहा कि लुंबिनी का मास्टर प्लान संयुक्त राष्ट्र की पहल पर तैयार किया गया था। जापानी वास्तुकार प्रोफेसर केंजो तांगे ने संयुक्त राष्ट्र के तत्कालीन महासचिव यू थांट के अनुरोध पर लुंबिनी का मास्टर प्लान तैयार किया था।
बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने लुंबिनी मास्टर प्लान और लुंबिनी के विकास और प्रचार के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की समिति के गठन में भी भूमिका निभाई है। अप्रैल 1967 में संयुक्त राष्ट्र के तत्कालीन महासचिव यू थांट ने लुंबिनी का दौरा किया। उस समय बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी का विकास न हो पाने और स्थिति दयनीय देखकर उन्होंने नेपाल के तत्कालीन राजा महेंद्र से मुलाकात कर कहा था कि वे लुंबिनी के विकास के लिए मदद करने के लिए तैयार हैं।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के रूप में डैग हैमरकोल्ड, यू थांट, जेवियर पेरेज डी कुइलर, कर्ट वाइल्डहेम और बानकी मून ने लुंबिनी का दौरा किया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के लुंबिनी दौरे के बाद लुंबिनी का नियोजित विकास शुरू हुआ। इसी कारण संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और अधिकारी अब लुंबिनी को विशेष महत्व से देखते रहे हैं। लुंबिनी की वर्तमान स्थिति में संयुक्त राष्ट्र का बड़ा योगदान है।
जापानी वास्तुकार प्रोफेसर तांगे द्वारा 1978 में तैयार किया गया लुंबिनी मास्टर प्लान 45 साल बाद भी अधूरा है। अब तक 85 फीसदी ही काम पूरा हो सका है। इस समय कुछ प्लानिंग का काम आगे बढ़ा है। चूंकि यह विश्व शांति प्रेमियों और बौद्ध तीर्थ यात्रियों के लिए एक पवित्र स्थान है। इसलिए यू थांट की लुंबिनी यात्रा के बाद इसे पर्यटक और तीर्थस्थल बनाने की योजना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय की गई। 10 दिसंबर 1967 से नौ जनवरी 1968 तक संयुक्त राष्ट्र की टीम ने लुंबिनी विकास के बुनियादी ढांचे जैसे परिवहन, पेयजल, बिजली, आवास आदि पर विशेष सलाह दी। महासचिव गुटेरेस का लुंबिनी के बाद पोखरा और अन्नपूर्णा आधार शिविरों का दौरा करने का कार्यक्रम है।