सूची में अंकित लाभार्थियों के त्रुटिपूर्ण नाम।
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पिछले एक माह से जिस उज्ज्वला योजना के नाम पर गरीबों की रसोई को धुंआमुक्त बनाने की दलील दी जा रही है, उसकी पात्रता सूची में ही गड़बड़ियों का अंधेरा छाया हुआ है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी सूची में तमाम त्रुटियां हैं। ये त्रुटियां ग्राम प्रधानों के लिए जी का जंजाल बनी हैं। गैस एजेंसी कर्मचारियों को भी पात्रों का नाम सत्यापित करने में परेशानी हो रही है।
गरीबों की रसोई धुंआ मुक्त करने और उन्हें मुफ्त में रसोई गैस कनेक्शन व अन्य सामान देने के लिए 1 मई से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को चलाकर खूब ख्याति बटोर रही है। वाहवाही लूटने के इस प्रयास में जो सूची जिम्मेदार पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय भारत सरकार ने जारी की है, वह चौंकाने वाले के साथ ही हास्यास्पद भी है। सूची में कई अपात्रों का नाम दर्ज है तो कहीं सूची में दर्ज पात्रों के माता-पिता के नाम वाले कालम में पता अंकित नहीं है।
इससे पात्र जहां अपने नाम की पुष्टि को लेकर असमंजस में हैं तो वहीं जानकारी के अभाव में ग्रामीण अपने गांव के प्रधानों के जी का जंजाल भी बन गए हैं। इतना ही नहीं पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय से आई गैंस एजेंसी पर पात्रों की सूची को लेकर भी घमासान मचा हुआ है।
क्षेत्र के भोलानाथ गुप्ता, अकबाल अहमद, गुड्डू, नंदलाल, रूखसाना आदि ने बताया कि वे लोग भूमिहीन, गरीब हैं। वे योजना के पात्र हैं, लेकिन सूची में अपात्रों का नाम दर्ज किया गया है। वहीं क्षेत्र के बहेरिया गांव के ग्राम प्रधान दिलीप उर्फ छोटे पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों को योजना की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिससे लोग उनके पास आकर सूची में नाम दर्ज होने के आधार के बारे में पूछते हैं।
वहीं सूची का अवलोकन करने पर उसमें तमाम खामियां उजागर होती हैं। करहिया सघन के ग्राम प्रधान आलोक त्रिपाठी ने बताया कि सूची के मुताबिक कई लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। दर्ज नाम के बारे में अन्य कोई पहचान जैसे न तो पिता का नाम दर्ज है और न ही माता का नाम लिखा गया है।