मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़
सिद्धार्थनगर। यदि आप बुखार से पीड़ित हैं तो बिना देरी किए ब्लड की जांच करवाएं। क्योंकि पांच दिन के बुखार में टाइफाइड हो जा रहा है। जिसमें प्लेटलेट गिरने का खतरा अधिक है और इससे कई समस्या से ग्रस्त हो सकते हैं। ऐसा चिकित्सकों की सलाह है। क्योंकि माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में टाइफाइड के शिकार मरीज मिल रहे हैं। चिकित्सक मौसम में बदलाव बता रहे हैं, लेकिन बीमारी होने पर तत्काल इलाज कराएं।
पिछले कई दिनों से मौसम में उतार चढ़ाव जारी है। सुबह, शाम और रात में ठंड उसी प्रकार से है। जबकि तापमान वृद्धि हो जा रही है। जिससे हर कोई सर्दी, जुकाम और तेज बुखार से पीड़ित हो जा रहा है। स्थिति यह है हर घर में कोई न कोई सदस्य बीमारी है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी और पीएसची में बुखार, जुकाम के रोगियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। मेडिकल कॉलेज की बात करें तो आंकड़ें बताते हैं कि 70 प्रतिशत रोगी मौसम की बीमारी के शिकार आ रहे हैं। इसमें बच्चों और बुजुर्गों के साथ ही हर उम्र के लोग शामिल हैं।
एक नई समस्या यह सामने आ रही है कि जिसे पांच से छह दिन बुखार हुआ, उसे टाइफाइड हो जा रहा है। जैसे ही चिकित्सक जांच करवा रहे हैं, टाइफाइड होने की पुष्टि हो रही है। फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि बुखार के रोगी अधिक आ रहे हैं। जांच में टाइफाइड की पुष्टि हो रही है। टाइफाइड होने के पीछे सबसे बड़ी वजह है कि मौसम के बदलाव को शरीर बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। एकाएक दर्द से बुखार शुरू हो रहा है और तपन के साथ दवा लेने पर कम हो जा रहा है। लेकिन उसका असर अंदर से फीवर नहीं जा रहा है। इसमें प्लेटलेट कम होने की समस्या अधिक है। कमोबेश यही हाल बालरोग विभाग में हैं। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि दवाएं प्रर्याप्त हैं, चिकित्सकों के परामर्श के हिसाब से मरीजों को दिया जा रहा है।
सतर्क रहने की जरूरत
मौसम का उतार-चढ़ाव खतरनाक होता है। शरीर को मौसम के अनुकूल होने में एक माह लग जाता है। मौसम को देखते हुए गरम कपड़े पहनते रहें। क्योंकि बुखार का स्वरूप देखते ही देखते गंभीर रूप ले रहा है। बदन दर्द के साथ तेजी से शरीर तप रहा है और समय से इलाज न हुआ तो टाइफाइड हो जा रहा है। मौसम के बुखार को नजर अंदाज कतई न करें। तत्काल जांच करवाएं और चिकित्सक के परामर्श से ही दवा लें।
-डॉ. सुबोध चंद्र श्रीवास्तव, एमडी मेडिसीन