सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ तहसील के नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में खेतों की सिंचाई सुविधा दुरुस्त करने के लिए दो नई नहरों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए पांच गांवों के किसानों की सहमति से विभाग द्वारा चार हेक्टेयर भूमि खरीद की जाएगी।
इन दोनों नहरों के निर्माण से क्षेत्र के कई गांवों के सैकड़ों किसानों के हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई सुविधा बेहतर हो जाएगी। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने संबंधित किसानों से भूमि के स्वामित्व के संबंध में 10 दिन के अंदर आपत्ति मांगी है।
भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में वर्तमान में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राप्ती नहर निर्माण खंड दो शोहरतगढ़ द्वारा सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के तहत दो नई माइनर का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत पकड़िहवा माइनर से निकलने वाली सेमरी माइनर और करूआ माइनर से निकलने वाली बैरिया माइनर का निर्माण होगा। इन दोनों नहरों के निर्माण के लिए पांच गांव किसानों से आपसी सहमति के आधार पर विभाग द्वारा 3.92295 हेक्टेयर भूमि खरीदी जानी है।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने बताया कि नहरों के निर्माण के लिए संबंधित किसानों से राप्ती नहर निर्माण खंड द्वारा भूमि खरीदी जानी है।