सड़क पर कोहरे के बीच गुजरते वाहन।
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सिद्धार्थनगर। मौसम रोजाना रंग बदल रहा है। लोगों ने एक सप्ताह के भीतर कड़ाके की ठंड का अहसास किया। इस दौरान कोहरे की चादर तनी रही। दो दिनों तक सूर्य देव प्रखरता से निकले। सड़कों पर रौनक दिखी, लेकिन शनिवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली। पूरे दिन कोहरा छाया रहा। लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
साल 2017 समाप्त होने में महज कुछ दिन शेष बचे हैं। आमतौर पर इन दिनों में तराई क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ती है। कई-कई दिनों तक सूर्य के दर्शन नहीं होते हैं, लेकिन इस वर्ष मौसम बार-बार करवट बदल रहा है। लोगों को दिसंबर के प्रथम पखवारा तक गुनगुनी ठंड का अहसास किया। तीसरे सप्ताह में एकाएक मौसम ने करवट ले लिया। कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया। प्रशासन ने भी मौसम को देखते हुए समय-सारिणी में बदलाव करते हुए 10 बजे से स्कूलों को खोलने का निर्देश दिया। अगले ही दिन सूर्य पूरी प्रखरता से बाहर निकल आए। लोगों ने राहत महसूस किया। दो दिनों तक धूप खिली रही। लेकिन पछुआ हवा ने पारा को ऊपर नहीं चढ़ने दिया। जैसे ही हवा बंद हुई एक फिर कोहरा व बादलों ने तापमान को नीचे लुढ़का दिया।