सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में वैश्विक बौद्ध चिंतन की ऐतिहासिकता और समकालीन प्रासंगिकता विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन सोमवार से किया जाएगा। यह संगोष्ठी राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह करेंगी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय मीरजापुर की कुलपति प्रो. शोभा गौण होंगी। उद्घाटन सत्र में बीज वक्तव्य अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बौद्ध विद्वान और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व आचार्य प्रोफेसर हरिशंकर प्रसाद की ओर से प्रस्तुत किया जाएगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति प्रो. दिलीप कुमार मोहंता, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व प्रतिकुलपति प्रो. सभाजीत मिश्रा, राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर के उपनिदेशक डॉ. यशवंत सिंह राठौड़ और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ के निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह अपने विचार रखेंगे। विषय प्रवर्तन का कार्य अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र के ओएसडी प्रो. सुशील तिवारी की ओर से किया जाएगा। यह संगोष्ठी ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में आयोजित की जा रही है। संगोष्ठी के दौरान आयोजित तकनीकी सत्रों में देश-विदेश के अनेक विद्वान और शोधार्थी अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने दी है।