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Siddharthnagar News: खनन में दौड़ रही ट्राॅली, जा रही जान, प्रशासन खामोश

Thu, 06 Jun 2024 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- जिले में अवैध खनन में लगी ट्रालियां बेधड़क दौड़ने से हो रही मौत

- जिले में अबतक ट्रॉली के कुचलने से हो चुकी है घटनाएं

- अगर संभलकर नहीं चलते तो ले लेते हैं चपेट में, होते हैं हादसे

जनवरी माह में खनन रोकने गए नायब तहसीलदार को हुई थी कुचलने की कोशिश

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। जिले में मिट्टी खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉली फेरा लगाने के लिए किसी की जान लेने से नहीं चूक रहे हैं। कृषि कार्य के लिए पंजीकृत होने वाले ट्रैक्टर के साथ ट्रॉली जोड़कर दौड़ाई जा रही है। बिना व्यवसायिक पंजीकरण के मिट्टी और बालू खनन में लगे ट्रैक्टर पर काम करने वाले अधिकांश चालक अप्रतिशिक्षित होते हैं। अधिकांश स्थानों पर मिट्टी और बालू खनन बिना परमिशन के चलता है। इसलिए खनन में मिट्टी की ढुलाई करने वाले प्रशासन की नजर से बचने के लिए तेज स्पीड और छोटे चौराहे और गांव की गलियों से निकलते हैं। इसी की नतीजा रहा है गोल्हौरा थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली के रौंदने से युवती जान चली गई।
शोहरतगढ़ में मिट्टी खनन में लगी ट्रैक्टर पलटने और दबने से चालक की जान चली गई। बांसी में ट्रॉली के कुचलने से युवक की मौत हो गई। जिले में बालू और मिट्टी लदी टै्रक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर अबतक कई लोग जान गवां चुके हैं। जनवरी माह में डुमरियागंज में मिट्टी खनन रोकने गए नायब तहसीलदार को कुचलने की कोशिश हो चुकी है। जिम्मेदार इन घटनाओं से भी सबक नहीं ले रहे हैं। लगातार हादसा जारी है फिर कार्रवाई में शिथिलता है।
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नायब तहसीलदार को कुचलने की हुई थी कोशिश

जनवरी माह में डुमरियागंज क्षेत्र में हो रहे मिट्टी खनन की हकीकत जानने के लिए नायब तहसीलदार महबूब आलम को कुचलने की कोशिश की गई। उनके सरकारी वाहन को टक्कर मारा गया था। इस मामले में कुछ लोगों पर सरकारी काम में बाध, जान से मारने की कोशिश सहित अन्य धारा में केस दर्ज हुआ था।

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राप्ती नदी के तट पर हो रहा है खनन

डुमरियागंज थाना क्षेत्र के राप्ती नदी के तट के पास से मिट्टी और बालू निकाला जा रहा है। घाट पर गए तो पता चला कि यह नियमित चलता है। दिन में कम रात में खनन तेज हो जाता है। एक व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अधिकांश लोगों का खेत नदी में विलीन हो जाता है। एक व्यक्ति के खेत से २५-३० ट्रॉली का परमिशन कराते हैं। इसके बाद नदी में कई 100 ट्रॉली निकालते हैं। रात्रि में अगर सामने कोई आ जाए तो उसे रौंदते हुए निकल जाएंगे। इसलिए शाम होते ही लोग बांध की ओर नहीं जाते हैं।

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केस 1

ढेबरुआ थाना क्षेत्र में लगभग डेढ़ माह पहले मिट्टी खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। इस हादसे में चालक की दबकर मौत हो गई थी। गनीमत रहा कि घटना में दिन में नहीं हुई थी। इस मामले में अवैध खनन की लगातार शिकायतें होती रहीं, लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया और इतनी बड़ी घटना हो गई।

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केस 2

एक सप्ताह पहले शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के नीबी में मिट्टी लदी ट्रॉली के कुचलने से एक वृद्ध की मौत हो गई थी। लोगों ने बताया कि मामला चोरी छीने खनन का था, इसलिए इस घटना में शिकायत और जांच की बात आई ही नहीं।

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तीन दिन पहले गोल्हौरा था क्षेत्र के बरगदी नानकार गांव के पास मिट्टी लदी ट्रैक्टर ने बाइक सवार को टक्कर मार दिया। इस हादसे में बाइक सवार युवती की मौत हो गई। जबकि उसका पिता जख्मी हो गया। स्थानीय लोगों को मुताबिक मिट्टी ढोने में कई फेर लग जाए, इसलिए बड़ी रफ्तार चल रहे हैं। जिससे हादसे हो रहे हैं।
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ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के अवैध संचालन पर निगरानी रखने एवं कार्रवाई करने के लिए सभी तहसीलों को निर्देशित किया जाएगा। अगर कहीं अवैध रूप से खनन होता मिलेगा तो कार्रवाई की जाएगी।

उमाशंकर, एडीएम
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