अति पिछड़ों की उन्नति के लिए तत्पर रहते थे कल्याण सिंह
सिद्धार्थनगर। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह समाज के अति पिछड़े वर्ग की उन्नति एवं प्रगति के लिए सदैव तत्पर रहते थे। उन्होंने राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए अपनी सरकार कुर्बान कर दी थी। ऐसे महान नेता बहुत कम होते हैं, उनके त्याग और बलिदान से हमें सीख लेनी चाहिए।
ये बातें विधायक श्यामधनी राही ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की प्रथम पुण्यतिथि पर लोहिया सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कहीं। विधायक विनय वर्मा ने कहा कि स्व. कल्याण सिंह ने पूरा जीवन समाजहित में समर्पित कर दिया, उनके त्याग बलिदान की बदौलत ही समाज के पिछड़े वर्ग के लोगों का समाज में सम्मान मिला और उनका विकास संभव हो सका।
ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि लवकुश ओझा ने कहा कि कल्याण सिंह देश और हिंदू समाज के गौरव थे, उनके बताए मार्ग पर चलकर समाजसेवा के भाव से कार्य करने की जरूरत है। इस दौरान प्रमुख प्रतिनिधि परेंद्र मणि त्रिपाठी, सत्यप्रकाश राही, विपिन सिंह, फतेबहादुर सिंह, नीतेश पांडेय, अर्चिस्मान मिश्र, राजाराम लोधी, प्रेमशंकर पांडेय, आशीष शुक्ल आदि मौजूद रहे। आयोजक दयाराम लोधी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
राजनीतिक संत थे कल्याण सिंह : सांसद
सांसद जगदंबिका पाल के कैंप कार्यालय पर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पहली पुण्यतिथि मनाई गई। भाजपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य दुर्गा राय ने कहा कि स्व. कल्याण सिंह ने जीवन ऐसे जिया कि माता-पिता के दिए गए नाम को सार्थक कर दिया। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि स्व. कल्याण सिंह राजनीतिक संत थे, जिसे पद-प्रतिष्ठा का मोह छू तक न गया था। वह दृढ़ संकल्प की प्रतिमूर्ति थे, जो लक्ष्य का संधान होने तक अर्जुन की भांति एकनिष्ठ भाव के साथ सतत प्रयत्नशील रहे और अंत में सफलता ने उनका वरण किया। इस दौरान रमेश मणि त्रिपाठी, हेमंत जायसवाल, गंगा मिश्र, रमेश पांडेय, बलविंदर सिंह, अमरनाथ सिंह, ओमप्रकाश यादव, सुधीर त्रिपाठी, पद्माकर शुक्ल, कृष्णपाल चौधरी उपस्थित रहे।