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Siddharthnagar News: रोपाई सिर पर, समितियों पर नहीं पहुंची डीएपी, चिंता में किसान

Wed, 01 Jul 2026 02:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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तुलसियापुर। बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र में धान की रोपाई करने का काम शुरू हो गया है लेकिन सहकारी समितियों पर डीएपी उपलब्ध न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।इस महत्वपूर्ण समय में डीएपी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है लेकिन सहकारी समितियों पर डीएपी न होने के कारण उन्हें अन्य विकल्पों के उपयोग पर मजबूर होना पड़ेगा, जो कि महंगा पड़ेगा। किसानों ने समितियों पर डीएपी उपलब्ध करवाने की मांग की है।
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बढ़नी ब्लाॅक में परसा, औदही कलां, बोहली, पथरदेइया, ढेबरूआ, पकड़िहवा, धनौरा मुस्तहकम कुल सात साधन सहकारी समिति हैं।इनके 77 ग्राम पंचायतों के हजारों किसान सदस्य हैं और इन्हीं समितियों से उन्हें समय-समय पर यूरिया, डीएपी, फसलों के बीज और दवाएं मिलती रहती हैं। मौजूदा समय में अधिकतर किसानों की धान की नर्सरी रोपाई के लिए तैयार हो गई है। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश भी हो रही है।
किसानों राधेश्याम शुक्ल, रामदेव गुप्ता, मो. हारुन, कन्हैयालाल यादव, सुरेश गौड़, राम अवतार चौहान आदि ने बताया कि रोपाई के पहले खेतों में डीएपी डाला जाता है लेकिन बढ़नी ब्लाॅक के किसी भी साधन सहकारी समिति पर डीएपी नहीं है। निजी दुकानों पर भी नहीं है। किसान लगातार समितियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। समिति के सचिवों से पूछने पर वह बताते हैं कि अभी डीएपी की रैक नहीं लगी है। जब रैक लगेगी तो खाद मिलेगी।
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क्षेत्रीय सहकारी समितियों पर डीएपी न मिलने से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि जरूरतमंद किसान घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं, जिससे उनकी खेती की तैयारी प्रभावित हो रही है।
किसानों का कहना है कि समय पर डीएपी न मिलने से धान की रोपाई में देरी होगी, जिससे पैदावार पर भी असर पड़ सकता है। इस स्थिति ने क्षेत्र में कृषि कार्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। क्षेत्र के किसानों राम बेलास चौधरी, अशोक पासवान, राकेश राजभर, रमजान अली, अवधेश तिवारी, श्याम प्रकाश पासवान आदि ने बताया कि अगर समय रहते डीएपी हमें नहीं मिलता है तो मजबूरन हमें अन्य विकल्पों जैसे एनपीके और टीएसपी का उपयोग करना पड़ेगा, जो कि महंगा है। किसानों ने प्रशासन और सहकारी विभाग से मांग की कि डीएपी खाद की आपूर्ति तुरंत सुनिश्चित की जाए।
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