सिद्धार्थनगर। महानगरों में रहने वाले जिले के प्रवासियों की दीपावली और छठ पूजा में घर आने की यात्रा कठिन हो गई है। मुंबई, दिल्ली और गुजरात से आने वाली सभी ट्रेनों में नो रूम लिख दिया है। त्योहार पर घर आने के लिए जिन लोगों को ट्रेनों में टिकट नहीं मिली है उनके लिए रोडवेज और निजी बस का ही सहारा है। हालांकि कुछ यात्री हवाई जहाज पर कई गुना किराया खर्च कर घर आ रहे हैं। जिले में हर त्योहार पर लगभग पांच लाख लोग घर आते हैं
त्योहार के सीजन में दिल्ली व मुंबई से आए हुए यात्रियों को दीपावली और छठ पूजा मनाने के लिए घर आने के लिए लोगों को एक माह पहले से ही टिकट नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में लोग बसों में बुकिंग करना शुरू कर दिए हैं। जबकि, ट्रेन की अपेक्षा बसों का किराया भी अधिक है।
जिले से होते हुए मुंबई की चार, गुजरात की एक और दिल्ली की तीन ट्रेन संचालित होती हैं। यह ट्रेन अलग-अलग दिनों में संचालित की जाती हैं। लेकिन, इस बार दीपावली पर घर आने वाले लोगों ने जून से से ही बुकिंग कराना शुरू कर दिया था। आलम रहा है कि सितंबर माह की प्रथम सप्ताह से ही कन्फर्म टिकट मिलने बंद हो गए।
ऐसे में यात्रियों ने बसों की ही अपना सहारा बना लिया है। वहीं लखनऊ से संचालित होनी वाली पांच जोड़ी ट्रेनें भी 28 अक्टूबर तक स्थगित हैं, ऐसे में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।