बांसी के फजिहतवा नाले के पास लगी आग आठ किमी में फैली
देर रात फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों के प्रयास से बुझी आग
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। कोतवाली क्षेत्र के फजिहतवा नाला के आसपास मंगलवार को गेहूं की डंठल में आग लगी जो तेज हवा के कारण सात से आठ किमी की दूरी में फैल गई। यहीं नहीं यह आग सोनखर गांव की आबादी के निकट पहुंच गई। इससे अफरा तफरी मच गई। बांसी-नौगढ़ सड़क एनएच-233 के दोनों तरफ आग की लपटे बढ़ने से आधा घंटा तक वाहनों का आवागमन बंद हो गया था। देर शाम तक ग्रामीण व फायर ब्रिगेड की टीम ने मशक्कत कर आग को काबू में कर गांव को सुरक्षित कर पाए। इस घटना में बाग में खड़ा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली व घर में रखा भूसा जल गया।
ग्रामीणों के अनुसार चंवर ताल के पास किसी ने गेहूं की डंठल में आग लगा दिया जो तेज हवा के कारण फजिहतवा नाले से होता हुआ आठ किमी के क्षेत्र में फैल गया। इस दौरान बांसी-नौगढ़ सड़क एनएच-233 के दोनों तरफ लोग अपने वाहनों को खड़ी कर आग की लपटों के धीमी होने का इंतजार करते रहे। आग जब बभनताल की तरफ बढ़ी तो बाग में खड़े लवकुश लोधी के ट्रैक्टर-ट्रॉली को जद में ले लिया। इसके बाद यह आग फैलकर सोनखर गांव तक पहुंच गई और दो घरों में रखा भूसा भी जल गया।
ग्राम प्रधान कृष्ण मुरारी यादव ने गांव के आसपास एक दर्जन से अधिक पंपिगसेट चालू करा दिया साथ ही उनकी सूचना पर मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद देर शाम आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। तब जाकर सोनखर गांव के लोगों ने राहत की सांस लिया।
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आग से भूसा पर संकट
इस अगलगी की घटना से इस क्षेत्र मे भूसा का भी संकट उत्पन्न हो जायेगा। गेंहू का फसल कट जाने के बाद इस क्षेत्र मे डंठल से भूसा बनाने का काम चल रहा था। मंगलवार को लगी आग काफी दूरी में फैल जाने से भूसा बनाने का काम पूरी तरह ठप हो गया है। क्षेत्रीय पशुपालक महंत, रामकुमार, दिलीप, रामदास का कहना है कि अभी बहुत कम लोग भूसा बनाकर रख पाये थे। इनका कहना है कि आठ किलोमीटर दर तक का डंठल जल जाने से इससे क्षेत्र मे भूसा का संकट हो जायेगा ।
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श्याम सुंदर तिवारी
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