इटवा। सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण के चलते इटवा में लोगों को जाम की समस्या से निजात नहीं मिल रही है। प्रशासन की तमाम कोशिशों पर अतिक्रमणकारियों की मनमानी भारी पड़ रही है। कस्बे को अतिक्रमण से मुक्त बनाने के लिए कोशिशें तो कई बार हुईं लेकिन कुछ ही दिनों में फिर स्थिति जस की तस हो जाती है।
इटवा बाजार के मुख्य चौराहे पर डुमरियागंज, बढ़नी, बांसी व बिस्कोहर जैसे प्रमुख कस्बों से आने वाली चार सड़कें मिलती हैं। इन रास्तों से हर दिन काफी संख्या में दो पहिया और चार पहिया वाहनों की आवाजाही होती है। प्रमुख बाजार होने के नाते आस-पास के क्षेत्र के लोग भी यहां रोजमर्रा की खरीदारी के लिए आते हैं। चौराहे से निकलने वाले चारों प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण के चलते सड़क की पटरी लापता हो गई है। कहीं-कहीं तो लोगों ने सड़क के कुछ हिस्से तक पर कब्जा जमा रखा है। नतीजतन सड़क सकरी हो गई है और जैसे ही कोई भारी वाहन गुजरता है, जाम के हालात बन जाते हैं।
इसके अलावा आफिस व स्कूल के टाइम पर लोग देर तक जाम में फंसे रहते हैं। साप्ताहिक बाजार के दिन तो हालात और भी खराब हो जाते हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी अतिक्रमण हटाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। व्यापार मंडल के अध्यक्ष शिव कुमार वर्मा, विनोद मोदनवाल, पवन अग्रहरि, शिवशंकर व अन्य ने जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। नगर पंचायत अध्यक्ष विकास जायसवाल ने कहा कि जाम की समस्या को दूर करने के लिए शीघ्र ही अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा।