- सड़क खराब होने से राहगीर आय दिन गिरकर हो रहे जख्मी, लगभग 30 हजार की आबादी होती है प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार। बांसी कस्बे की दो सड़कें जर्जर हैं। बजरी जगह-जगह बिखर गई है, जिससे राहगीरों को आवागमन करने में दिक्कतें हो रही हैं। दोनों सड़कों से लगभग 50 हजार आबादी जुड़ी है।
नगर पालिका बांसी के बांसी-धानी मार्ग से निकल कर वाया प्राथमिक विद्यालय, सोनारी, मोहल्ला राप्ती नगर (रामगढ़) से नील मथान घाट होते हुए बांसी- खलीलाबाद मार्ग जाने वाली डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। इसका निर्माण एक दशक पूर्व किया गया, अब यह सड़क जर्जर है। यह सड़क मंगल बाजार से पहले बांसी-धानी मार्ग से निकलकर राप्ती नगर मोहल्ला होते हुए रोडवेज की तरफ निकल जाती है। इस रास्ते प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं।
चूंकि मंगल बाजार में आए दिन सुबह-शाम जाम लग जाता है। यही कारण है कि बांसी-धानी मार्ग पर पूरब की तरफ से आने वाले लोग जाम से बचने के लिए इस रास्ते का उपयोग करते हैं, लेकिन टूटी सड़क से लोगों को सफर करने में दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। बांसी तहसील गेट के सामने मेडिकल स्टोर के बगल से निकलकर सरदार पटेल पब्लिक स्कूल होते हुए बांसी- डुमरियागंज मार्ग जाने वाली लगभग पांच सौ मीटर सड़क जर्जर है। यह सड़क श्रीवास्तव कॉलोनी एवं प्रताप नगर की मुख्य मार्ग है। साथ ही एक निजी अस्पताल भी है। इसकी वजह से दो पहिया से चार पहिया वाहनों का आवागमन होता है। तिलक इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र अधिकतर इस रास्ते से आते जाते हैं। रास्ता जर्जर होने से आए दिन बच्चों की साइकिल पंचर होती है।
वहीं, बस्ती एवं खलीलाबाद की तरफ से आने वाले जिन लोगों को डुमरियागंज की तरफ सफर करना होता है। वे अधिकतर रोडवेज की तरफ न जाकर इसी रास्ते से होकर डुमरियागंज मार्ग पर निकल जाते हैं। इस मार्ग का निर्माण लगभग पांच वर्ष पूर्व में किया गया। श्रीवास्तव एवं प्रताप नगर कॉलोनी मुख्य मार्ग होने की वजह से इस सड़क पर दिन रात आवागमन बना रहता है।
श्रीवास्तव कॉलोनी निवासी रमेश ने बताया कि सड़क टूटने से ई-रिक्शा वाले अंदर जाने से इन्कार कर देते हैं।
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बोले नगर के लोग
सड़क टूटने से इस रास्ते पर साइकिल एवं मोटरसाइकिल से निकलने वाले राहगीर आए दिन फिसल कर गिर जाते हैं। रात में लोग सड़क की उखड़ी बजरी पर फिसल जाते हैं। सड़क पर मकान होने की वजह से उन्हें उठना पड़ता है।
-कृष्णनाथ उपाध्याय, निवासी मोहल्ला राप्ती नगर, बांसी
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सड़क इतनी टूट चुकी है कि इस पर सफर करना मुश्किल है। बुजुर्ग एवं बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। बुजुर्गों को इस सड़क पर साइकिल से सफर करने में काफी दिक्कतें होती हैं। वहीं सड़क टूटने से श्रीवास्तव कॉलोनी के अंदर जाने से ई-रिक्शा वाले मना कर देते हैं।
-अनिल कुमार श्रीवास्तव, निवासी मोहल्ला श्रीवास्तव कॉलोनी, बांसी