- नियंत्रण सीमा के पास होते हैं हादसे, जिले में राहगीर, दुकान और बाइक सवारों के कुचलने की बढ़ रहे हैं हादसे
- ओवर स्पीड से हो रहे हैं इस प्रकार के हादसे, असमय जा रही हैं लोगों की जान
- एक दिन में बेकाबू ट्रैक्टर से हुए दो सड़क हादसे में चली गई एक की जान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। खेतों में ट्रैक्टर चलाने वाले जब सड़क पर चलते तो वह नियंत्रण मुक्त हो जा रहे हैं। नतीजतन हादसे पर हादसे हो रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी वजह अप्रशिक्षित हाथों में वाहनों की स्टेयरिंग होना है। इनके द्वारा कहीं राह चलते कुचल जा रहे हैं, तो कहीं घर और गुमटी पर चढ़ा दे रहे हैं। ऐसे में लोगों की जान जा रही है। एक माह में ऐसे कई हादसे सामने आए, जिसमें कहीं कार वाले ने राहगीर को उड़ा दिया, तो कहीं पिकअप वाला पीछे से कुचलकर चला गया है।
मिश्रौलिया और इटवा में हुए दो सड़क हादसे ट्रैक्टर-ट्रॉली से हुए, जिसमें गुमटी पर चढ़ा देने से दुकानदार की जान चली गई। जांच में पता चला कि चालक के पास लाइसेंस तक नहीं है। वहीं, इटवा क्षेत्र में ट्रैक्टर ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। इस हादसे में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। लगातार होने वाले इन हादसों से जिम्मेदार सबक नहीं ले रहे हैं। अगर इनके खिलाफ कड़ी जांच की जाए तो शायद इस प्रकार से होने वाले हादसों का ग्राफ कम हो। ऐसे लोगों का कहना है।
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जांच की जाती है, विशेष अभियान चलाया जाएगा। नियम विरुद्ध संचालन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-सुरेश कुमार, एआरटीओ
इसलिए हो रहे हादसे
स्कूल वाहन चला चुके व्यक्ति ने बताया कि हादसों की पीछे सबसे बढ़ी वजह है कि अप्रशिक्षित लोग बिना जाने दो पहिया से सीधे चार पहिया वाहन की स्टेयरिंग थाम ले रहे हैं। इसमें कई बार ऐसा देखा जा रहा है कि बाइक है और कार लेकर निकल पड़े। जबकि, एक कुशल चालक के लिए कम से कम चार माह तक प्रशिक्षण जरूरी है। इसके बाद ही वाहन की स्टेयरिंग पकड़नी चाहिए।
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इसलिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से होते हैं हादसे
ट्रैक्टर चालक समीम खान ने कहा कि ट्रैक्टर से हादसा होने के पीछे सबसे बड़ी वजह खेत की जुताई करने वाला सड़क पर चढ़ जाता है। वह ईंट भट्ठे पर चलाना शुरू कर देता है। खेत और मुख्य मार्ग पर चलने में बहुत अंतर है। जब टै्क्टर-ट्रॉली लोड होती है तो उछलती है। ऐसे में लोग नियंत्रण खो देते हैं। अनजान चालक अकसर नियंत्रण खो देते हैं, जिससे हादसे होते हैं। ट्रैक्टर पर अधिकांश नाबालिग और शराब के नशे में भी मिल जाएंगे। क्योंकि अधिक चक्कर के लिए वह शराब का सेवन भी कर लेते हैं। जांच में इन पर बहुत ही कम ध्यान दिया जाता है।
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हादसों पर एक नजर
बीते माह इटवा थाना क्षेत्र दुफेडिया गांव के पास रात में गर्मी की वजह से गांव के बाहर सड़क की पटरी पर टहल रहे लोगों को तेज रफ्तार कार रौंदते हुए निकल गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। कार इतनी तेज थी कि किसी कसे हटने तक का मौका नहीं मिल पाया। इसी प्रकार जोगिया कोतवाली डुमरियागंज क्षेत्र में एक कार गुमटी को चीरते हुए बाहर निकल गई, गनीमत रही कि हादसे के वक्त गुमटी में सोने वाले लोग गांव में खाने के लिए गए थे। अगर होते तो शायद जान नहीं बचती। ताजा हादसा बुधवार को मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के असिधवा चौराहे पर हुआ है। जहां बेकाबू ट्रैक्टर-ट्राॅली गुमटी में घुस गई। इस हादसे में साइकिल की दुकान करने वाले ओमप्रकाश की जान चली गई। ट्रैक्टर बिना नंबर का पाया गया। बुधवार को ही इटवा थाना क्षेत्र के करहिया चौराहे पर बोरिंग के उपकरण से लदे ट्रैक्टर ने बस्ती निवासी व्यक्ति की बाइक में टक्कर मार दी। इस हादसे में वह घायल हो गए। गनीमत रही कि पहिया के नीचे नहीं आए, वरना जान पर बन आती। ऐसे आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।