फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: उपेक्षा का शिकार हुए पर्यटन स्थल... मिले बजट तो संवर जाए मंदिर का सागर

Tue, 24 Feb 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
बदहाल पड़ा चिल्हिया क्षेत्र के शक्ति पीठ पल्टादेवी देवी मंदिर परिसर में स्थित सरोवर।  
विज्ञापन
चिल्हिया क्षेत्र में स्थित शक्तिपीठ पलटा देवी मंदिर परिसर में स्थित सरोवर बदहाल
विज्ञापन

कुछ वर्ष पूर्व जलाशय पर हुआ था कार्य, जीर्णोद्धार से पर्यटकों के लिए होगा आकर्षक
चिल्हिया। क्षेत्र के शक्ति पीठ पल्टादेवी देवी मंदिर परिसर में स्थित पवित्र सरोवर वर्तमान में बदहाल स्थिति में है। सिल्ट से पटे इस सरोवर के चारों तरफ गंदगी और कूड़े का अंबार है। इस सरोवर के सुंदरीकरण के लिए पूर्व में धन आवंटित हुआ था, जिसके तहत सरोवर किनारे निर्मित हुई सीढि़या क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वहीं, सिल्ट से उथले हो चुके सरोवर में बड़ी-बड़ी घासें उग गईं हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि अगर सरोवर का कायाकल्प हो जाए तो यहां पर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का आवागमन बढ़ जाएगा।
पलटा देवी मंदिर स्थित सरोवर के बारे में स्थानीय लोगों में प्राचीन कहानियां प्रचलित है। लोग इसे महाभारत कालीन सरोवर बताते हुए कहते हैं कि पांडवों इसी सरोवर में स्नान कर मां पल्टादेवी की आराधना कर मंदिर की स्थापना की थी। तीन एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में स्थित इस सरोवर में वर्तमान में चारों तरफ गंदगी पसरी है। सिल्ट से पटे होने के कारण सरोवर में पानी भी नहीं है। क्षेत्र के बब्लू, अमरेंद्र सिंह, बाबूलाल, महेश, करन, विजय, अजय, महेंद्र आदि का कहना कि पल्टादेवी मंदिर परिसर में स्थित सरोवर के लिए लगभग आठ साल पहले पर्यटन विभाग से सुंदरीकरण के लिए धन आवंटित हुई थी।
विज्ञापन

सरोवर के चारों तरफ से सीढ़ियाें का निर्माण, सरोवर के सिल्ट की सफाई कर आकर्षक रूप देना था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आधा अधूरा कार्य करवाकर सरोवर को बदहाल स्थिति में छोड़ दिया गया है और तब से अब तक इस सरोवर कर कोई कार्य नहीं हुआ है। बीडीओ शोहरतगढ़ चंद्रभूषण तिवारी ने कहा कि पल्टादेवी मंदिर परिसर में स्थित सरोवर की सुंदरीकरण के अभी कोई बजट आवंटित नहीं हुई है। जल्द ही कार्ययोजना बनाकर इसका सुंदरीकरण कराया जाएगा।
-
गंदगी के चलते पशु भी नहीं पीते पानी
वैसे तो वर्तमान में मंदिर परिसर में स्थित सरोवर में पानी ही नहीं है लेकिन जब पानी रहता भी है तो गंदगी के चलते स्नान करना दूर पशु तक उसे पीने से कतराते है। सिल्ट और जलकुंभी आदि घास से पूरा सरोवर पटा रहता है। वहीं, किनारे पर बनी अधूरी सीढि़या भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन

-

सरोवर के कायाकल्प से बदलेगी तस्वीर
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सरोवर का कायाकल्प हो जाए तो इस सरोवर में श्रद्धालु स्नान कर मंदिर में पूजा अर्चन करेंगे। साथ ही यहां पर्यटकों के लिए मोटरबोट आदि का संचालन हो सकेगा। इससे यहां आने वाले लोग धार्मिक पर्यटन का आनंद उठा सकेंगे। उन्होंने ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत समेत अन्य विभागों से सरोवर के कायाकल्प कराने की मांग की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें