बारिश के लिए पढ़ी गई विशेष नमाज
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सूखे की आशंका से सहमे लोगों की बारिश के लिए प्रार्थनाएं बुधवार को भी जारी रही। अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न तरीकों से इंद्रदेव को मनाने का जतन लोग करते रहे। इस बीच सुबह और शाम हल्की बारिश भी हुई। इससे लोगों को उमसभरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली। इस बारिश को खेती के लिए अपर्याप्त बताया जा रहा है। हालांकि आसमान में बादलों को देखकर लोगों को दुआओं का असर होने की उम्मीद बढ़ गई है।
जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में आई बाढ़ के बाद से इंद्रदेव जिले से रूठ हुए हुए हैं। सावन के बाद अब भादो मास का एक पखवाड़ा बीतने को है, लेकिन माकूल बारिश नहीं हुई है। चिंतित खेतिहर वर्ग इंद्रदेव को मनाने के लिए टोटके और दुआओं में जुटा हुआ है। विशेष नमाज पढ़ी जा रही है। लोग व्रत कर मंदिरों में प्रार्थनाएं कर रहे हैं। बुधवार को भी यह क्रम जारी रहा। बांसी के ग्राम समोगरा में काली माता मंदिर पर प्रधान प्रतिनिधि जलज माडेला के नेतृत्व और श्रीराम तिवारी के संरक्षण में भजन-कीर्तन किया गया। यहां गुरुवार को महाकीर्तन का भी आयोजन किया जाएगा। इस दौरान दिलीप तिवारी, संतोष तिवारी, विवेक, संजय तिवारी आदि मौजूद रहे। इससे पहले मंगलवार की शाम बांसी के अकबरनगर मोहल्ले में सैय्यद नसरत अली ने मोहल्ले वालो के सहयोग से भंडारे का आयोजन कर बच्चों में शीरनी प्रसाद बांटा। इसी तरह मदरसा तालीमुल कुरान बनगावा तिगोडवां के बच्चों ने बुधवार को खुले आसमान के नीचे एकत्र होकर बरसात के लिए अल्लाह से दुआ की। शाम को इन दुआओं का असर भी दिखा, जब रिमझिम बारिश शुरू हो गई। उमसभरी गर्मी का संताप झेल रहे लोगों को कुछ देर की हल्की बारिश ने राहत तो दी, लेकिन खेतों के लिए इसे अपर्याप्त बताया जा रहा है।