संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। तिलक इंटर कॉलेज में रविवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान आरएसएस के मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक राजीव नयन रहे। उन्होंने भारत की संस्कृति और गौरव की रक्षा एवं विकास में युवा पीढ़ी को विवेकानंद के मार्ग पर चलने का आह्वान किया और उनके जीवन पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर जिला प्रचारक बांसी अवनीश, विभाग कार्यवाह मोहित, जिला संघचालक दिनेश, नगर संघचालक अशोक, विभाग कार्यवाह शिवमूर्ति सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
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अभाविप ने युवा दिवस पर कार्यक्रम का किया आयोजन
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सिद्धार्थनगर। स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस के अवसर पर अभाविप द्वारा नौगढ़ नगर इकाई ने संगोष्ठी का आयोजन किया। डाॅ. दिवाकर सिंह ने कहा कि कर्तव्य परायण और जागरूक युवाओं से ही विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा। इस दौरान सामाजिक जीवन में व्याप्त कुरीतियों पर चर्चा की और कहा कि आज पर्यावरण वैश्विक समस्या बन चुकी है, इसके लिए हमें नागरिक कर्तव्यों की भूमिका का निर्वहन करना होगा। अंत में नगर खेल कुंभ नौगढ़ के विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रियांशु त्रिपाठी, विमल पांडेय्र डाॅ. राघवेंद्र, डाॅ. दिवाकर सिंह, अमृत्य, विक्रांत श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
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स्वामी जी संन्यास के बाद विवेकानंद नाम से मशहूर हुए : डॉ. अरविंद
- रतनसेन डिग्री कॉलेज बांसी में स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस में मनाई
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बांसी। रतनसेन डिग्री काॅलेज में स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। इसमें युवाओं को बेहतर भविष्य के बारे में जागरूक किया गया। उनके बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डाॅ. संतोष कुमार सिंह ने मां सरस्वती व स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
डाॅ. अरविंद त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जन्मदिवस राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश के युवाओं को समर्पित इस दिन को मनाने का खास मकसद है। स्वामी विवेकानंद का असली नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। बचपन से ही अध्यात्म में रुचि रखने वाले नरेंद्रनाथ ने 25 साल की उम्र में संन्यास ले लिया। संन्यास के बाद वह दुनियाभर में विवेकानंद नाम से मशहूर हुए। वह वेदांत के एक विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे।
डाॅ. रामबाबू, डॉ. हसंराज कुशवाहा ने भी कार्यक्रम को संबाेधित किया। कार्यक्रम में कुमकुम, शालू, सपना, सुमन, शालिनी, ममता, संध्या, श्रेया, निधि, मुस्कान, प्रीति, लक्ष्मी आदि मौजूद रहेश्र -
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स्वामी विवेकानंद के जीवन के बारे में जानकारी दी
पथरा। कस्बे में राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद की जयंती शिक्षा सेवा समिति द्वारा पथरा बाजार में धूमधाम से मनाई गई। समिति के प्रबंधक राजकुमार अग्रहरि ने कहा कि युवाओं के प्रेरणास्रोत पराधीनता काल में विश्व में भारतीय संस्कृति को स्थापित करने वाले महान आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक थे। स्वामी विवेकानंद का झुकाव बचपन से ही अध्यात्म की ओर था। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस से मिलकर 25 वर्ष की अवस्था में संयास ले लिया। वर्ष 1893 में स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति का अपने ओजस्वी भाषणों से विजय पताका अमेरिका शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन में फहराया।
इस अवसर पर सोनू सिंह, संतोष गौड़, सुभाष दुबे, बंशीधर सोनी, दिग्विजय सिंह, संजय सोनी, प्रमोद सिंह, गोपाल मोदनवाल, अशोक कसौधन, दीपक अग्रहरि, दीपू सोनी, रिंकू वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।