सामुदायिक शौचालय बदहाल
बिस्कोहर कस्बे में 11 वर्ष बना शौचालय बदहाल
अमर उजाला ब्यूरो
बिस्कोहर। बिस्कोहर कस्बे में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पास 11 वर्ष पहले बना सार्वजनिक शौचालय बदहाल हो गया है। गंदगी इतनी है कि दुर्गंध के चलते खड़ा होना भी मुश्किल है। पेशाब घर की भी यही स्थिति बनी हुई है। कस्बे का सब से महत्वपूर्ण जगह पर होने के बावजूद कोई जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
वर्ष 2008 में ग्राम पंचायत ने लगभग एक लाख साठ हजार रुपये खर्च कर के बिस्कोहर में चार सीटों वाला शौचालय, स्नान घर और मूत्रालय बनवाया गया था। कुछ साल तक तो यहां पर साफ-सफाई ठीक ठाक से होती रही, लेकिन समय बीतने के साथ-साथ इस कि बदहाली भी शुरू हो गई। गंदगी के चलते लोग यहां आने से कतराने लगे हैं। स्नानघर में लगी टोटी भी टूट कर बेकार हो गए हैं। दीवार, फर्श, दरवाजा सब गायब हो गए हैं। शौचालय के आस-पास गंदगी का अंबार लगा है। कस्बा के आनंद गुप्ता, पूर्व प्रधान चन्द्र प्रकाश गुप्ता, शंभू कसौधन, राम बहाल यादव, अनिल यादव, मुराली जायसवाल, रमा शंकर गुप्ता, अमरदीप गुप्ता, वैद्यनाथ गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, पंथ बाबू जयसवाल, नवीन जायसवाल, गुफरान अहमद, मुहम्मद साद, इसरार अहमद, प्रेम, इजहार अहमद व जगराम लोहिया का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
समाजसेवी गजेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि सोचा था कि सुलभ शौचालय बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को शौच व स्नान में आसानी होगी मगर यहां तो गंदगी देख कर खड़े होने की भी हिम्मत नहीं होती। शौचालय नहीं बल्कि बीमारियों का घर है। शिक्षक उमाकांत गुप्ता ने कहा की शौचालय में किसी भी प्रकार कि कोई सुविधा नहीं है। बीडीओ भनवापुर राम देव भारती ने कहा कि जल्द ही ग्राम पंचायत के माध्यम से उसकी मरम्मत करा दी जाएगी।