सिद्धार्थनगर। दो चुनाव के बाद अब लोगों के अंगूठे पर स्याही लगेगी। क्योंकि 2012 में हुए निकाय चुनाव के बाद अब फिर से नगर पंचायत के मतदाताओं मतपत्र से वोट देना होगा। पिछले लोक सभा और विधान सभा में ईवीएम का उपयोग हुआ। पंचायत चुनाव में मतपत्र का प्रयोग किया गया था, लेकिन इस चुनाव से नगर निकाय का कोई मतलब नहीं था। इस बार भी मतपत्र से चुनाव होने को लेकर प्रशासन भी तैयारी शुरू कर दी है।
मंगलवार को केंद्रीय विद्यालय के बाहर खुले आसमान के नीचे रखी मतपेटियों की सफाई का कार्य प्रशासन ने शुरू कर दिया। निकाय चुनाव के लिए इन्हें सहेजा जाने लगा है। कुछ मतपेटिकाओं को खुले आसमान से हटाकर गोदाम तक भी पहुंचाया गया। इससे पहले वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में मतपेटियों का इस्तेमाल हुआ था। उपयोग के बाद पेटियों को केंद्रीय विद्यालय के बाहर खुले आसमान के नीचे उपेक्षित फेंक दिया गया था।
बारिश और धूप में पड़ी इन मतपेटियों को सुरक्षित करने के लिए कई बार आवाज भी उठी, बावजूद जिला प्रशासन के रुख पर कोई असर नहीं रहा। अब निकाय चुनाव के ऐलान के साथ ही मतपेटियों को फिर से सहेजा जाने लगा है। जिले की छह निकायों में कुल 58 मतदान केंद्रों पर 151 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। प्रत्येक मतदान स्थल पर अध्यक्ष व सभासद पद के लिए अलग-अलग मतपेटी रखी जाएगी।