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बाढ़ की तबाही, जिले में टूटे तीन बांध, 300 गांव जलमग्न

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बांसी क्षेत्र के भगौतापुर गांव में कटा नगवा-अशोगवा बांध। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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बाढ़ की तबाही, जिले में टूटे तीन बांध, 300 गांव जलमग्न
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बूढ़ी राप्ती किनारे के अशोगवा-नगवा, मदरहवा-अशोगवा और लखनापार-बैदौला बांध टूटे
सिद्धार्थनगर। पहले से ही बाढ़ की विभीषिका झेल रहे जिले में बुधवार रात तबाही मच गई। बूढ़ी राप्ती नदी के दाएं किनारे पर स्थित तीन बांध टूट जाने से कई गांव जलमग्न हो गए। बांध टूटने से पानी की तेज धार की चपेट में आए छह से अधिक मकान जमींदोज हो गए। सौ से अधिक गांव पानी से घिर गए हैं और लोगों के घर में पानी भर चुका है। इटवा तहसील क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती किनारे बने मदरहवा-अशोगवा बांध बुधवार रात 12 बजे टूट गया, जिससे आसपास के गांवों में तबाही मच गई। देर रात दो बजे बांसी तहसील क्षेत्र के बूढ़ी राप्ती नदी किनारे ही बने अशोगवा-नगवा बांध टूट गया। अचानक दोनों बांधों के टूटने से कई गांव में लोगों के घर में पानी भर गया। जिले के करीब 300 गांव जलमग्न हो गए हैं। बृहस्पतिवार रात करीब 8 बजे तीसरा बांध टूट गया। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के अंतर्गत नकही गांव के पास लखनापार बैदौला बांध टूट गया। इस कारण क्षेत्र के 50 से अधिक गांव जलमग्न हो सकते हैं।
रात में बांध टूटा तो बूढ़ी राप्ती नदी का पानी तेज धार के साथ गांवों में जाने लगा। आसपास के गांव के लोग परिवार और पशुओं की जान बचाने में जुट गए, जबकि लोगों ने मोबाइल के माध्यम से क्षेत्र के गांव में बांध के टूटने की सूचना दे दी। पानी का दबाव इतना तेज है कि बांध टूटने के एक घंटे बाद ही कटान करीब 20 फीट चौड़ी हो गई। इस बांध में मंगलवार शाम को लमुइया के पास रिसाव हो रहा था, लेकिन सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों ने अथक प्रयास करके रिसाव रोक लिया था। गांव के लोग बात बचाने के लिए रतजगा करते रहे लेकिन उन्हें बात बचाने में कामयाबी नहीं मिली। एसडीएम उत्कर्ष श्रीवास्तव ने बताया कि बांध टूटने के बाद प्रशासन राहत कार्य में जुटा गया है।
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ये गांव होंगे प्रभावित
क्षेत्र के नकाही, बलिहवा, नईडहर, बरेनिया, टेढ़ी, सिरसिया मिसिर,सिरसिया राजा, मदरहिया, मदरहवा, भेड़ियहवा, लालपुर, पकड़ी, जखौलिया, धनगाहिया सहित 50 बाढ़ से पभावित होंगे।
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282 गांवों की 1.95 लाख आबादी बाढ़ प्रभावित, 128 गांव मैरुंड
वर्तमान में जिले में बाढ़ से 282 गांव की 1.95 लाख आबादी प्रभावित है। इनमें 128 गांव चारो तरफ से घिरे होने के कारण मैरुंड हैं। जबकि 23577 हेक्टेयर क्षेत्रफल जलमग्न है। नौगढ़ तहसील में 27 गांव बाढ़ प्रभावित व सात मैरुंड, बांसी तहसील के 47 गांव बाढ़ प्रभावित व 14 मैरुंड, डुमरियागंज के 100 गांव बाढ़ प्रभावित व 55 मैरुंड, इटवा के 73 गांव बाढ़ प्रभावित व 36 मैरुंड और शोहरतगढ़ तहसील के 35 गांव बाढ़ प्रभावित व 16 गांव मैरुंड हैं। डीएम संजीव रंजन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों की सुरक्षा एवं बचाव कार्य के लिए 148 नावें और 30 मोटरबोट लगाए गए हैं। साथ ही बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री बांटने के निर्देश दिए गए हैं।
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