बांसी पुलिस कि गिरफ्त गोकशी के आरोपी।
सिद्धार्थनगर। प्रतिबंधित पशु का वध करने के मामले में एसओजी और बांसी कोतवाली की संयुक्त टीम ने तीन संदिग्धों को दबोच लिया। उनके कब्जे से बोगदा आदि बरामद किया गया। पकड़े गए तीन आरोपी पथरा क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस पूछताछ में यह बात स्वीकार किया है कि कोतवाली क्षेत्र के पचपेडिया में हुई प्रतिबंधित पशु का वध उन्हीं ने किया है। इन लोगों पर गोवध निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
सीओ बांसी मंयक द्विवेदी ने बताया कि बांसी कोतवाली क्षेत्र में गोवध के मामले आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसओजी, सर्विलांस और बांसी कोतवाली की टीम लगी थी। संयुक्त टीम काजी रुधौली से बांसी-डुमरियागंज रोड को जाने वाली नहर पर वाहनों की चेकिंग के दौरान काजी-रुधौली की ओर से दो बाइक पर तीन व्यक्ति आ रहे थे, उन्हें रुकने का इशारा किया गया तो दोनों बाइक चालक तेजी से पीछे मोड़ कर भागना चाहे, लेकिन गिर गए।
शक होने पर पुलिस ने तीनों व्यक्तियों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में पकड़े गए बाइक चालक ने अपना नाम ऐश मोहम्मद उर्फ समीर अंसारी निवासी तुरकौलिया तिवारी व दूसरे नें अपना नाम अबरार अहमद निवासी पिपरा रामलाल व दूसरी बाइक पर बैठे ब्यक्ति ने अपना नाम जबेर अंसारी निवासी पिपरा रामलाल थाना पथरा बाजार बताया। उनके कब्जे से बोगदा, एक चाकू, एक लकड़ी का ठीहा बरामद हुआ।
पूछताछ में बताया कि उन लोगों ने 15 जनवरी की रात में बबलू यादव उर्फ बिल्ला निवासी तुरकौलिया तिवारी थाना पथरा बाजार के साथ मिलकर ग्राम कटसरया खुर्द व कटसरया कला के बीच से प्रतिबंधित पशु को काटा था। मांस को बेचने से प्राप्त रुपये को आपस में बांट लिए। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त रस्सी, चाकू, बोगदा को ग्राम कटसरया खुर्द के सामने स्थित नहर के किनारे झाड़ी से बरामद किया गया। पूछताछ करने के बाद तीनों को न्यायालय भेज दिया गया। इस दौरान कोतवाल बांसी रामकृपाल शुक्ल, एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव आदि शामिल रहे।