बिस्कोहर। हर घर तक साफ पेयजल पहुंचाने के लिए नगर पंचायत बिस्कोहर में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया। करोड़ों खर्च बनाई गई टंकी से छह साल बाद भी आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई। इससे शुद्ध पानी मिलने की उम्मीद दम तोड़ रही है।
नगर पंचायत बिस्कोहर में वर्ष 2019 में शुरू हुई इस परियोजना के शुरू न होने से करीब 10 हजार की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, पानी की टंकी का शिलान्यास 23 सितंबर 2019 को किया गया था। वर्ष 2021-22 में निर्माण कार्य पूरा भी हो गया लेकिन योजना का लाभ किसी को नहीं मिल सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि परीक्षण के दौरान ही पाइपलाइन में जगह-जगह लीकेज की बात सामने आई और घरों तक पहुंचने के बजाय पानी सड़क पर ही बह गया।
विश्वनाथ नगर वार्ड के सभासद नृपेंद्र प्रताप सिंह, परशुराम नगर वार्ड की सभासद मंजू रानी जायसवाल, पंडित दीनदयाल नगर वार्ड के सभासद शाहिद और रामजानकी नगर वार्ड के सभासद मोहम्मद आसिफ एडवोकेट ने बताया कि जल निगम ने अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने के लिए मुख्य बाजार और गलियों की सीसी सड़कें तोड़ दी थीं।
नियमानुसार सड़कों की मरम्मत करानी चाहिए थी लेकिन अब भी कई स्थानों पर सड़कें टूटी पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि परशुराम नगर, राम जानकी नगर, पंडित दीनदयाल नगर, अटल नगर, विश्वनाथ नगर और मालवीय नगर के आंशिक हिस्सों में रहने वाले लोग आज भी हैंडपंप व अन्य साधनों पर निर्भर हैं।
गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और गहरा जाता है। अधिकतर घर में लगे हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चले जाने से पानी बहुत मुश्किल से मिल पा रहा है, जिससे लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ऐसे में हर घर जल योजना शुरू न होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। तत्कालीन जिलाधिकारी राजा गणपति आर ने धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जल निगम के अधिकारियों को जल्द जलापूर्ति शुरू कराने के निर्देश दिए थे।