लोटन कस्बा स्थित दोनों पेट्रोल पंपों पर किसानों को डीजल व राहगीरों को पेट्रोल मिलना मुश्किल हो गया है। मौके पर बिना जरूरी अभिलेख के ही लंबी लाइन लगाकर डिब्बों में डीजल व पेट्रोल भराने वालों का तांता लगा रहता है।
जिससे लोग परेशान होकर वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं। नेपाल मे नए संविधान को लेकर मधेशी आंदोलन के चलते सीमा पर नाकेबंदी होने के कारण भारत से पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई न होने के कारण तस्करों की चांदी हो गई है।
तस्करों द्वारा दिन रात पंपों पर लाइन लगाकर सारा तेल नेपाल भेजने के कारण जो किसान हैं परेशान हैं उन्हें तेल नहीं मिल पा रहा है। जो जीप, ट्रक व मोटरसाइकिल काफी खराब है और सिर्फ स्टार्ट होने लायक है वह पंपों पर लाकर पांच सौ से लेकर सौ-सौ लीटर तेल भरा कर नेपाल बार्डर के समीप ले जाकर स्टोर करके तस्करों द्वारा नेपाल भेजा जा रहा है।
लोगों का यह भी कहना है कि पेट्रोल पंप कर्मी मोटरसाइकिल में भरने के बजाय बिना किसी अभिलेख के सौ-सौ लीटर पेट्रोल किस आधार पर गैलन में भरते हैं, यह जांच का विषय है।
पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी को लेकर स्थानीय पुलिस ने जब कड़ा रुख अपनाया तो तस्करों ने तस्करी का तरीका ही बदल दिया। क्षेत्र पंचायत सदस्य निरंजन चौरसिया का कहना है कि प्रशासन अगर अगर पूरी तरह से शख्त हो जाए तो तस्करी रुक सकती है।
किसान स्वामी सहानी ने बताया कि मैंने तेल लेने का बहुत प्रयास किया लेकिन तस्करों के आगे हमें तेल नहीं मिल पाया। क्षेत्र के जितेंद्र सिंह, बीरेंद्र, दयाराम सिंह, प्रमोद , प्रेमचन्द आदि ने इस समय तेल की किल्लत का हवाला देते हुए प्रशासन से तस्करी पर रोक लगाने की मांग की है।
एसडीएम नौगढ़ रजितराम प्रजापति ने कहा कि हमें इस बात की जानकारी अब तक नहीं थी मैं दोनों पंपों को सख्त निर्देश भेज दे रहा हूं कि बिना अभिलेख के किसी व्यक्ति को पेट्रोल व डीजल न दें और इस पर जरूर ध्यान दें कि सप्ताह में कितनी बार तेल ले गया है। लोटन कोतवाली प्रभारी एसके सरोज से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बिना अभिलेख के गैलन में तेल देने के लिए पंपों को मना किया गया है और यह भी कहा गया है कि गैलन में ज्यादा तेल नहीं दिया जाए।