मालूम हो कि पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में 17 फरवरी को 22 केंद्रों पर हुई। इस दौरान इटवा क्षेत्र के दो केंद्रों पर दो साल्वर, दो मूल अभ्यर्थी और एक सहयोगी पकड़े गए थे, जबकि बांसी के दो केंद्रों पर दो सॉल्वर पकड़े गए, सदर में सॉल्वर और एक सहयोगी पकड़ा गया था। वहीं, 18 को हुई परीक्षा में मोहाना थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ महाविद्यालय बर्डपुर में एक साल्वर पकड़ा गया। पुलिस साल्वर, अभ्यर्थी और सहयोगी सहित कुल 14 पर धोखाधड़ी, साजिश रचने और परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। इसमें 10 जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि चार मूल अभ्यर्थी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
इस प्रकार से पकड़े गए साल्वर
सॉल्वरों का गैंग मूल अभ्यर्थियों का आधार कार्ड लेता था। नाम और आधार नंबर आवेदन फार्म के अनुसार रहता है लेकिन फोटो बदल देते हैं। फोटो की प्रिंट ऐसी रहती थी, जिसे पहचान पाना मुश्किल होता। इससे पहले परीक्षा में जांच में आधार नंबर का मिलान ही होता था, जिसमें ये पकड़े नहीं जाते और आसानी से कामयाब हो जाते थे। इस बार भर्ती बोर्ड ने सभी अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक डाटा बेस ले लिया था। गेट पर सिर्फ आधार का मिलान होता। इसमें सॉल्वर पास हो जाते लेकिन जब परीक्षा हॉल में बायोमेट्रिक चेकिंग होती तो उनकी सच्चाई सामने आ जाती। क्योंकि वे सिर्फ फोटो ही बदल पाते थे, बॉयोमेिट्रक तो आधार नंबर में जिसके नाम का होता वह दिखता। इसके बाद सॉल्वर आसानी से पकड़ लिए जाते।
55 हजार वेतन पाना वाला देने आया था परीक्षा
बताया जा रहा है कि इटवा के माता प्रसाद जायसवाल कॉलेज में पकड़ा गया सॉल्वर बिहार के मधुबनी का रहने वाला अर्जुन यादव कैग में कार्यरत है। 55 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है। छुट्टी पर घर आया था और परीक्षा देने चला आया। इसके लिए पांच हजार रुपये मिलना था। पुलिस इसके बारे में जांच कर रही है।
पेशेवर परीक्षार्थी था चंदन
मोहाना थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ महाविद्यालय बर्डपुर में 18 फरवरी को आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा में पकड़ा गया सॉल्वर चंदन पुत्र धर्मदेव निवासी लादूगढ़ा थाना जानकीनगर जिला पूर्णिया का निवासी है। बताया जा रहा है कि बिहार के अलावा यूपी, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा में भी वह परीक्षा देने जा चुका है। अबतक वह 20 से अधिक प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो चुका है। पुलिस उसके बारे में भी जांच कर रही है।