वोट डालने में युवा मतदाता किसी तरफ गए यह कयास में लगे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज संसदीय सीट पर हुए मतदान प्रतिशत की कमी के पीछे कहीं न कहीं युवा मतदाता अहम हैं। क्योंकि आंकड़ें इस बात की गवाही दे रहे हैं कि 50 प्रतिशत युवाओं ने मतदान में रुचि नहीं दिखाई है। युवा क्यों नहीं बूथों तक गया, इसके बारे में कोई सटीक जानकारी तो नहीं दे रहा है। लेकिन युवा वोटरों से बात की गई तो बेरोजगारी और परीक्षा व भर्तियां निरस्त होने पर की बात कही हैं। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने कहां और किसे वोट किया।
युवा मतदाता देश की तरक्की में अहम हैं। भारत युवाओं का देश का कहा जाता है। लोकतंत्र को मजबूत बनाने और उसे हिलाने में युवाओं की भूमिका अहम होती है। युवा कहीं भी परिवर्तन ला सकते हैं। लोकसभा चुनाव में युवाओं की भूमिका को लोग अहम बता रहे थे। लेकिन मतदान के आकड़ों पर गौर करें तो यह पता चल रहा है कि 50 प्रतिशत युवा मतदान के लिए निकले ही नहीं। जनपद के मतदान के प्रतिशत पर गौर करें तो ५१.९८ प्रतिशत इस बार मतदात हुआ था। जनपद में कुल मतदाताओं की संख्या १९६१४९५ मतदाता हैं। इसमें १०१९१७२ लोगों में मतदान किया गया है। इसमें युवाओं मतदाताओं की बात करें तो जनपद में १८-३९ साल की आयु के ९८५५७६ मतदाता हैं। जबकि पूरा मत १०१९१७२ पड़ा हुआ है। समें 5 लाख मत युवाओं का मान लिया जाए तो भी ५० प्रतिशत युवाओं ने ही मताधिकार का प्रयोग किया है। जबकि, ५० प्रतिशत युवा बूथों तक नहीं पहुंचे। मतदान में युवाओं की बेरुखी के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई तो कुछ लोगों ने बेरोजगारी और बैकेंसी निरस्त होने की बात कर रहे हैं। वहीं, युवा मतदाता रितेश त्रिपाठी ने कहा कि हमें किसी सरकार का विरोध नहीं है, लेकिन हम इसलिए सरकार चुनते हैं कि हमें रोजगार मिल सके। कई साथ ही युवा रोजगार के मुद्दे पर सरकारी तंत्र को कमजोर नाम रहे थे। वहीं पवन शर्मा ने कहा कि किसी भी सरकार से युवाओं को अधिक उम्मीद होती है। कि वह उसके लिए कुछ करेंगे। सरकारी नौकरी मिलेगी। लेकिन अग्रिवीर जैसी योजना, पेपर ली और हर विभाग में आउटसोर्सिंग कहीं न कहीं युवाओं के भविष्य के साथ खिलावड़ है जो नहीं होना चाहिए।