-जिले में गंभीर रूप से मौजूद हैं 251 टीबी मरीज, प्रथम फेज के 2196 मरीज
- गंभीर मरीज के लिए आठ व प्रथम फेज के मरीजों के लिए चार प्रकार की दवा का होता है प्रयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। क्षय रोग के गंभीर मरीजों के लिए जिले में दवा मौजूद नहीं है। इससे मरीजों को कभी भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्षय रोग के मरीजों को दवा की समस्या पिछले एक साल से है, लेकिन वर्तमान समय में साधारण व गंभीर दोनों प्रकार के मरीजों के लिए स्टोर में दवा मौजूद नहीं है।
जिला क्षय रोग विभाग ने पूरे जिले में 251 गंभीर मरीजों काे खोजा है। जबकि 2196 मरीज टीवी के प्रथम लक्षण से ग्रसित हैं। मरीजों को पहले की अपेक्षा दवा नहीं मिल पा रही है। वर्तमान समय में पहले स्टेज के मरीजों के लिए एक सप्ताह की दवा है। जिसे जिले के सभी केंद्रों पर भेज दिया गया है। जबकि गंभीर मरीजों के लिए गोदाम व अन्य सेंटरों पर दवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मरीजों काे समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार ने जिला सत्र में दोनों फेज में दो-दो दवाएं खरीदने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, दवा कमी होने से लोगों को दवा नहीं मिल पा रही है। जबकि दवा की बात करें तो गंभीर मरीजों का आठ प्रकार की दवा दी जाती है। जिसमें से तीन प्रमुख दवाएं होती है। ये वर्तमान समय में स्टोर में मौजूद नहीं है। वहीं, साधारण मरीजों को भी चार प्रकार की दवा चलती है, जो वर्तमान समय में एक सप्ताह के लिए सेंटरों पर मौजूद है। लेकिन स्टोर में नहीं है।
बोले जिम्मेदार
दवा की कमी ऊपर से ही है। जिला स्तर पर भी दवा खरीदी जा रही है। मरीजों को दवा कि कमी नहीं हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है।
डॉ. रजत कुमार चौरसिया, सीएमओ