शाहपुर। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के चौखड़ा गांव में आयोजित विष्णु महायज्ञ एवं संगीतमयी राम कथा के छठवें दिन बुधवार की रात बलराम दास ने भगवान राम और केवट के बीच हुए प्रसंग का वर्णन किया। राम-केवट संवाद की मार्मिक कथा सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा वातावरण जय राम के उद्घोष से गूंज उठा।
कथावाचक ने कहा कि राम-केवट संवाद हमें भक्ति, सेवा और समर्पण का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि जब भगवान राम वनवास के दौरान गंगा पार करने के लिए केवट से नाव मांगी, तो केवट ने अत्यंत विनम्रता के साथ पहले प्रभु के चरण धोने का आग्रह किया। केवट का यह भाव भगवान के प्रति उसकी अटूट श्रद्धा और प्रेम को दर्शाता है। इस प्रसंग के माध्यम से कथावाचक ने कहा की सच्ची भक्ति में किसी प्रकार का अहंकार नहीं होता, बल्कि केवल सेवा और समर्पण का भाव होता है। इस दौरान श्रोता भक्ति रस में डूबे नजर आए और राम नाम के उद्घोष से पूरा पंडाल गूंजता रहा। इस दौरान कलाकारों ने प्रभु हनुमान की भव्य झांकी प्रस्तुत की गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। झांकी के दौरान भगवान राम और हनुमान के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर डाॅ. मनीष मिश्रा, पं. पवन मिश्र, अखिलेश चंद्र त्रिपाठी, बीजू सिंह, आकाश चौधरी, रामकुमार यादव, लाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।