सिद्धार्थनगर। अलीगढ़वा कस्बा में एक दुकानदार को तथाकथित चरस तस्करी के आरोप में पकड़े जाने के बाद लोग विरोध में सड़क पर उतर गए। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच में दुकानदार के निर्दोष साबित होने पर उसे छोड़ देने पर मामला शांत हुआ। कस्बावासियों ने दुकानदार को फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाया है। हालांकि एसएसबी के अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से कतरा रहे है।
अलीगढ़वा कस्बा में बृहस्पतिवार को एसएसबी जवानों ने एक दुकान पर झोले में दो किग्रा तथाकथित चरस बरामद करते हुए दुकानदार को पकड़ लिया। इसके बाद दुकानदार एवं कस्बावासियों ने विरोध करते हुए सड़क पर उतर गए। जिसके बाद वहां लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। जिसमें एक महिला को उस झोले को दुकान पर रखते हुए देखा गया, जिसमें चरस बरामद होना बताया गया था। इसके बाद पकड़े गए दुकानदार को छोड़ दिया गया। कस्बावासियों का कहना था कि पहले दुकानदार को चरस में फंसाने का प्रयास हुआ, लेकिन विरोध और सीसीटीवी फुटेज में खुलासा होने के बाद पकड़े गए युवक को छोड़ दिया गया। नेपाल सीमा से 125 मीटर दूर बर्तन की दुकान पर हुई इस घटना के बाद पूरे कस्बा में अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस संबंध में एसएसबी के अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
आखिर कौन थी झोला रखने वाली महिला
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों को जांच करनी चाहिए कि सीसीटीवी फुटेज में दुकान पर झोला रखते कैद हुई महिला कौन थी। जांच होने के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा, ताकि दोबारा फिर किसी दूसरे दुकानदार अथवा अन्य व्यक्ति के साथ यह हादसा न होने पाए। उन्होंने मामले की जांचकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।