कपिलवस्तु। बुद्ध की जन्मभूमि लुंबिनी में तीसरा अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट सम्मेलन आयोजित किया जाना है। बृहस्पतिवार को हुई लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट की काउंसिल की मीटिंग में बैसाख पूर्णिमा के मौके पर इसे आयोजित कराने का फैसला किया गया। लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट के मेंबर सेक्रेटरी और इंजीनियर दीपक श्रेष्ठ ने बताया कि लुंबिनी के टूरिज्म को बढ़ावा देने और टूरिस्ट की संख्या बढ़ाने के मकसद से अप्रैल 29 और 30 को कॉन्फ्रेंस कराने का फैसला किया गया है।
कल्चर, टूरिज्म और सिविल एविएशन मिनिस्टर और लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन अनिल कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फ्रेंस के लिए मेन ऑर्गनाइजिंग कमेटी बनाई गई है। लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट के वाइस-चेयरमैन डॉ. लहारक्याल लामा (खेनपो छिमेच्रिंग) को कमेटी का कोऑर्डिनेटर बनाकर 10 मेंबर वाली मेन ऑर्गनाइजिंग कमेटी बनाने का फैसला किया गया है। सरकार ने इस फाइनेंशियल ईयर में कॉन्फ्रेंस कराने के लिए तीन करोड़ रुपये का बजट दिया है। इससे पहले, देश में पॉलिटिकल और स्ट्रक्चरल बदलावों की वजह से, यह कॉन्फ्रेंस, जो पहले नवंबर में होनी थी, अब 2570वीं बुद्ध जयंती के मौके पर 29 और 30 अप्रैल को लुंबिनी में होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि दुनिया के 60 से ज्यादा देशों से बौद्ध विद्वान, गुरु, जाने-माने मेहमान और अलग-अलग फील्ड की खास हस्तियां इस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगी। इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद पब्लिसिटी के जरिये लुंबिनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना, दुनिया भर में बौद्ध धर्म की अहमियत बढ़ाना और लुंबिनी में टूरिज्म को बढ़ावा देना है।