सिद्धार्थनगर। शोहतगढ़ थाना क्षेत्र के नहरी गांव में डेढ़ वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में 16 लोगों की गवाही होनी है। उसके बाद हत्याकांड से पर्दा उठ जाएगा। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के नहरी गांव निवासी शीला का आरोप है कि 23 अप्रैल 2022 उसके पति और सास ने मिलकर डेढ़ वर्षीय बेटे को पटक कर मार डाला था। ट्रायल शुरू हो गया है। उसकी गवाही हो चुकी है। अन्य गवाहों को पेश होने के लिए न्यायालय की ओर से सम्मन जारी किया जा रहा है। उम्मीद है कि सभी पक्षों को सुनने और साक्ष्यों को देखने के बाद फैसला आ जाए। इस उम्मीद में मृतक की मां और उसके ननिहाल वाले आस लगाए हुए हैं।
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के नहरी गांव में 23 अप्रैल को डेढ़ वर्षीय राजकुमार की उसके पिता पिंटू और सास चंद्रमती ने हत्या कर दी थी। ऐसा मृतक की मां शीला ने आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। इस मामले में शोहरतगढ़ पुलिस ने सास के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज करके दोनों को जेल भिजवा दिया था। मौजूदा समय में दोनों जेल में बंद हैं। मामले की विवेचना करके पुलिस ने साक्ष्य के साथ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी।
शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक, मुकदमे में 16 गवाह हैं। दिवंगत बच्चे की मां शीला की गवाही हो चुकी है। बच्चे की नानी की गवाही लगी है। इसके अलावा न्यायालय की ओर से गवाहों को समन जारी किया जा रहा है। गवाहों के बयान और साक्ष्य को देखने के बाद फैसला आएगा। वहीं, मृतक बच्चे के ननिहाल के लोग और मां हत्यारोपी पति और सास को सजा मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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यह है घटना
23 अप्रैल 2022 को शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के नहरी गांव की शीला देवी पत्नी पिंटू ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि मेरी सास चंद्रमती मुझसे बार-बार झगड़ा करती थीं। जब से मेरा बेटा जन्म लिया तभी से झगड़े दौरान उसे मार डालने की बात कहा करती थीं। एक दिन बेटे को दांत से काट लिया था और गला दबाने की कोशिश कर रही थीं। उसके बाद वह अपने मायके परिगवां चली गई थी। उसके पति पिंटू भी अपनी मां चंद्रमती की तरफ रहता था। उनके इशारे पर उसे मरता था। 23 अप्रैल 2022 की भोर में चार बजे वह ननद उषा के साथ टहलने गई थी। कुछ देर बाद घर पहुंची तो देखा कि पति पिंटू व सास चंद्रमती मेरे बेटे राजकुमार को पटक रही थीं और पैर गला दबा रही थीं। जैसे वह दौड़कर अपने बच्चे को बचाने गई तभी मेरी सास ने बच्चे को पटक कर मार डाला। उसके बाद वह रोने-बिलखने लगी। उसने घटना की जानकारी अपने मायके दी। वहीं रोने-बिलखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। पुुलिस ने हत्या का केस दर्ज करके दोनों को गिरफ्तार के जेल भिजवा दिया था।
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पांच बेटियों काे जायदाद देना चाहती थी सास
पति दयाराम की मृत्यु के बाद चंद्रमती अपनी जायदाद पांच बेटियों को देना चाहती थीं। दयाराम अपने जीवन काल में ही चार बेटियों और पुत्र पिंटू की शादी कर दी थी। एक बेटी उषा ही बची थी शादी के लिए। वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पिंटू नशे का आदी हो चुका था। इसी वजह से उसकी मां ने पूरे घर में अपना धौंस जमा रखा था। पिंटू भी अपनी मां की तरफदारी करता था। दोनों की राय थी कि बेटे की हत्या कर देंगे तो शीला को घर से निकालने में आसानी हो जाएगी। दूसरी शादी भी कर देंगे। इसी वजह से कत्ल कर दिया। पोते की हत्या कर दी और बेटे के साथ मां जेल चली गई। पिंटू भी अपनी मां का इकलौता चिराग है।
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बोली मां
बेटे राजकुमार की हत्या के बाद शीला अपने मायके परिगवां में रह रही हैं। वह सप्ताह में एक बार नहरी आती हैं। कारण कि पति और सास जेल चले गए। ननद की शादी हो गई। ऐसे में घर पर कोई नहीं है, इसलिए वह आती-जाती हैं। शीला से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि जब बेटा ही नहीं रहा तो पति से क्या उम्मीद करूं। वह तो हमेशा पीटता था। घर से निकालने के लिए अपने ही डेढ़ वर्ष के बेटे को मार डाला। उसे जरा भी दया नहीं आई। पति और सास को सजा दिलाना ही जीवन का उद्देश्य हो गया है।
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बोले अधिवक्ता
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के नहरी गांव में 23 अप्रैल 2022 में हुई बच्चे की हत्या के मामले में ट्रायल शुरू हो गया है। मां की गवाही हो चुकी है। अन्य गवाहों को समन भेजा जा रहा है। हड़ताल के चलते अन्य की गवाही नहीं हो पाई, जल्द ही गवाही होगी और मामला आगे बढ़ेगा। -राजेश कुमार त्रिपाठी, शासकीय अधिवक्ता जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर