बांसी सीएचसी में भर्ती उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीज।
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बांसी। तहसील क्षेत्र के जमलाजोत गांव में एक सप्ताह से डायरिया का कहर बना हुआ है। पिछले दिनों दो बच्चों की मौत के बाद भी गांव में करीब एक दर्जन लोग बीमारी की चपेट में हैं। विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। बीमारी के तेजी से पांव पसारने के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। एक मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे पीएचसी बांसी भेजा गया। चिकित्सकों ने गांव में स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया है।
एक सप्ताह से जमलाजोत गांव में डायरिया रोग का कहर जारी है। इसकी चपेट में आने से 15 जुलाई को लालमन के 11 वर्षीय पुत्र प्रकाश व 21 जुलाई को राजाराम की 6 वर्षीय पुत्री रागिनी की मौत हो गई थी। गांव में अभी भी दीवाकर (12), कमला देवी (23), गोवरी (40), संजू (22), अर्चना (14), केवला देवी (26), सरोज देवी (36), कुलदीप (13), संदीप (15), रिंकू (9), सचिन (6) चपेट में हैं। दो बच्चों की मौत के बाद भी गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम न पहुंचने पर गांव के लोगों में नाराजगी थी।
,इसकी शिकायत ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से किया। इसके बाद शनिवार को सीएचसी बसंतपुर के अधीक्षक डॉ.एमके चौधरी, डॉ. असलम, क्षेत्रीय एएनएम, आशा सहित पूरी टीम के साथ जमलाजोत गांव में पहुंचे। डोर-टू-डोर जाकर मरीजों का हाल जाना। मरीजों में आवश्यक दवाओं का वितरण किया।
इस सम्बंध में अधीक्षक डॉ.एमके चौधरी ने बताया कि गांव में डायरिया रोग से पीड़ित एक मरीज 22 वर्षीय कमलावती को पीएचसी बांसी भेज दिया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है। अब गांव में सिर्फ वायरल फीवर के मरीज हैं, जिन्हें आवश्यक दावा दे दिया गया है।