अंबेडकरनगर के अकबरपुर तहसील दिवस में बुधवार को कमिश्नर से शिकायत दर्ज कराने पहुंचे फरियादी।
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आग की तबाही से बेघर हुए परिवारों को मदद पहुंचाने में अनियमितता हो रही है। सत्ताधारी दल के विधायक ने इसे खुद स्वीकार किया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद सदर विधायक विजय पासवान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। नायब तहसीलदार पर बिना सर्वे किए बैठे-बिठाए रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में डीएम को भी अवगत कराया है।
अप्रैल माह की शुरुआत से ही शुरू हुए आग के कहर से जिले के तीन सौ गांव प्रभावित हुए हैं। इस आपदा ने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया है। हजारों हेक्टेयर खेत-खलिहान जला दिए हैं। रोजी-रोटी का सहारा छीन लिया है।
भीषण त्रासदी को देखते हुए शासन ने पीड़ित परिवारों को तत्काल मदद पहुंचाने की हिदायत दे रखी है, मगर तहसील प्रशासन के जिम्मेदार इसमें मनमानी कर रहे हैं। सदर विधायक विजय पासवान ने तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत फत्तेपुर के टोला, झुंकी, पुरैना सहित अन्य अग्नि प्रभावित गांवों का भ्रमण किया।
इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि लेखपाल ने 30 लोगों को सहायता दिए जाने की रिपोर्ट दी थी। इसकी जांच को पहुंचे नायब तहसीलदार ने गांव में जाने की बजाए गाड़ी में बैठकर ही सिर्फ पांच लोगों का चयन कर चेक बनवाया।
नतीजा गांव के अधिकांश लोग सरकारी मदद पाने से वंचित रह गए हैं। विधायक के मुताबिक गांव में खुद जाकर अग्नि पीड़ितों का हाल देखा है। आग ने यहां काफी तबाही मचाई है। लेखपाल की रिपोर्ट के मुताबिक 30 परिवार प्रभावित हुए हैं, मगर नायब तहसीलदार ने सिर्फ 5 को चेक दिलवाकर अग्नि पीड़ितों का दर्द बढ़ा दिया है।
इससे सरकार की छवि पर असर पड़ेगा। विधायक विजय पासवान ने बताया कि शासन की प्राथमिकता में होने के बावजूद लापरवाही बरतने वाले नायब तहसीलदार के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत करा दिया गया है। सभी पीड़ितों को उनका हक दिलाया जाएगा।