स्वास्थ्य कर्मियों का धरना जारी
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
सिद्धार्थनगर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल और सफाई कर्मचारी संघ के बहिष्कार का सोमवार को बूथ दिवस पर व्यापक असर रहा। हड़ताल पर डटे कार्यकर्ताओं के बीएलओ ड्यूटी न किए जाने से अधिकांश बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा। नतीजा नाम जुड़वाने, हटवाने के लिए पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा। डीएम ने भी कई बूथों का निरीक्षण कर हकीकत देखी। कहीं तालाबंदी तो कहीं सन्नाटा देख डीएम ने कार्यकर्ताओं को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बिना सूचना मुख्यालय से अनुपस्थित डीपीओ का वेतन रोकने की भी हिदायत दी है।
विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए रविवार को विशेष बूथ दिवस का आयोजन था। इसके लिए सभी बीएलओ को दिन भर बूथ पर उपस्थित रहकर नाम जोडने, काटने, त्रुटियां सुधारने संबंधी फार्म भरवाने को कहा गया था। ज्यादातर गांवों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बीएलओ की ड्यूटी दी गई है। लिहाला हड़ताल के चलते वह अनुपस्थित रहीं। सफाई कर्मचारी संघ ने भी इस अतिरिक्त ड्यूटी न करने का ऐलान कर दिया था।
ऐसे में जिले के अधिकांश बूथों पर यह विशेष फीका रहा। जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय के निरीक्षण में भी ऐसी ही तस्वीर रही। डीएम ने पुरानी नौगढ़ स्थित बूथ का जायजा लिया। यहां बीएलओ के रूप में तैनात तीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपस्थित रहीं। बर्डपुर क्षेत्र के बूथ भाग संख्या 100 पर बीएलओ दुर्गा प्रसाद मद्धेशिया मौजूद रहे। वहीं, बूथ संख्या 101 पर मीरा देवी, 102 पर पूनम गुप्ता, 103 पर माया जायसवाल की अनुपस्थित रहीं।
डीएम ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तीनों को कार्यमुक्त करने की हिदायत दी। मजेदार बात रही कि कार्रवाई के लिए जब डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को फोन लगाया तो वह खुद जिले से बाहर थे। बिना सूचना जिले से बाहर जाने पर डीएम ने उनका दो दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य प्राथमिकता में है। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों की रिपोर्ट प्रेषित करने को कहा है।