पथरा क्षेत्र के ग्राम पेड़ार में राम कथा सुनाते गौरव कृष्ण शास्त्री। स्रोत विज्ञप्ति
पथरा। क्षेत्र के पेड़ार गांव में स्थित राम जानकी मंदिर परिसर में हो रहे श्रीविष्णु महायज्ञ के अंतिम दिन बुधवार को कथा सुनाते हुई कथावाचक गौरव कृष्ण शास्त्री ने राम-भरत मिलाप की कथा सुनाई। कहा कि त्रेता युग में जन्में भगवान श्रीराम के अनुज भरत का भ्रात प्रेम संसार के लिए आदर्श है। आज जब छोटी छोटी संपत्ति के लिए भाई भाई दुश्मन बन जाते हैं। ऐसे भरत के त्याग का अनुकरण करके भाइयों के बीच का झगड़ा समाप्त किया जा सकता है।
शास्त्री ने श्रीरामचरितमानस में वर्णित प्रसंग का उदाहरण देते हुए बताया कि पिता महाराज दशरथ की ओर से अयोध्या की सत्ता सौंपने के उपरांत भी भरत ने बड़े भाई भगवान राम के लिए राजपाट त्याग दिया। भाई की भांति सन्यासी का जीवन बिताया। भगवान राम के वनवास की अवधि पूरा होने के बाद उन्होंने अयोध्या की सत्ता बडे़ भाई श्रीराम को सौंप दिया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान महेंद्र कुमार चौबे, विकास चौबे, राजू पांडेय, मेहीराम, लवकुश विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।