बस्ती। बेटी के घर आई महिला की हत्या हुई है, इसकी चुंगली दीवार पर पड़े खून के छींटे से हुई थी। वरना सब लोग मान चुके थे कि आंगन में गिरने की वजह से मौत हुई। मृतका के देवर परागदत्त ने बताया कि जब वह लोग अमरुतहिया पहुंचे तो माता प्रसाद और उसकी पत्नी पिता के सहयोग से चिता बना चुके थे।
वह लोग नहीं चाहते थे कि शव को परिवार के लोग अपने घर ले जाएं। मगरए घर के अंदर जाने पर जिस जगह हत्या की गई थी, वहां दीवार पर खून के छींटे देखकर उन लोगों का माथा ठनक गया था। वहां सीमेंट की ईंट भी पड़ी हुई थी। संदेह होने पर उन लोगों ने बहाना बनाया कि परिवार के किसी की मृत्यु होने पर शव घर ले जाने की परंपरा है। इसलिए वह लोग वहीं ले जाकर अंतिम संस्कार करेंगे। मौके पर मौजूद जेल भेजा गया नाती माता प्रसाद और उसके पिता नहीं चाहते थे कि शव चिता से उतारा जाए। मगरए देवर व अन्य लोगों को चूंकि हत्या का संदेह हो गया था, इसलिए लेकर घर गए। वहां सिर के ऊपर से कपड़ा हटाने पर चोट ही चोट दिखाई दिए।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि राधिका देवी का कोई पुत्र नहीं था। उन्होंने अपनी समस्त चल-अचल संपत्ति अपनी बेटी के बेटे माता प्रसाद के नाम रजिस्टर्ड वसीयत कर दिया गया था।