तीन दिन तक ट्रेनों का संचलन बंद रहने से जहां लोगों को यात्रा में परेशानी होगी, वहीं जेब पर भी बोझ पड़ेगा। लखनऊ तक ट्रेन का किराया जहां मात्र 100 रुपये है, वहीं बस का किराया करीब चार सौ है। सिद्धार्थ नगर डिपो से शाम छह बजे के बाद बस का संचालन नहीं होता है। यानी रात में सफर की नौबत आ गई और आपके पास निजी वाहन नहीं है तो परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मालूम हो कि जिले से रोज हजारों लोग लखनऊ इलाज के सिलसिले में जाते रहते हैं।
ये ट्रेनें बंद रहेंगी
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग कार्य के चलते जो तीन जोड़ी ट्रेनें प्रभावित रहेंगी उनमें गोरखपुर-मैलानी-गोरखपुर, गोरखपुर-गोमतीनगर-गोरखपुर और गोरखपुर-ऐशबाग-गोरखपुर ट्रेनें शामिल हैं।
लखनऊ के सफर के लिए काफी मुफीद
ट्रेन का संचालन बंद होने से लोकल यात्रियों की भी समस्या बढ़ सकती है। बढ़नी रूट पर एक बस का संचालन होने से ट्रेन ही सहारा हैं लेकिन उसके भी बंद होने से यात्रियों को काफी परेशान होना पड़ेगा। रात में गोरखपुर की यात्रा के लिए लोगों को ऐशबाग-गोरखपुर एक्सप्रेस काफी मुफीद रहता है, वहीं लखनऊ की यात्रा के लिए गोरखपुर-मैलानी एक्सप्रेस। क्योंकि रात में इससे यात्रा करके लोग आराम से सुबह लखनऊ पहुंच जाते हैं और दिन भर अपना काम निपटा कर शाम को लौट आते हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए रात में भी चलाई जाएगी बस
डिपो के एआरएम विजय कुमार गंगवार ने बताया की तीन दिन तक ट्रेनों के बंद होने की सूचना मिली है। यात्रियों की सुविधा के लिए रात में भी बस का संचालन किया जाएगा। रात में बस की सुविधा उपलब्ध रहेंगी, इसकी जानकारी रेलवे स्टेशन पर दी जाएगी। मैलानी ट्रेन से यात्रा करने वाली सवारियों को सुविधा देने के लिए रात में बस का संचालन किया जाएगा। लोकल रूट पर चलने वाली गाड़ियों से उन्हें लखनऊ व गोरखपुर की यात्रा कराई जाएगी। यात्रियों की संख्या पर्याप्त होना चहिए। किसी भी यात्री को असुविधा नहीं होगी।