सिद्धार्थनगर में कुछ लोग रविवार को पैमाइश के लिए गई राजस्व टीम से उलझ गए हैं। आरोप है कि पैमाइश से रोकते हुए ईंट लेकर दौड़ा लिया और गाली-गलौज और हाथापाई भी की। कर्मचारियों ने जैसे-तैसे खुद को सुरक्षित किया। तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। राजस्व कर्मचारियों की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज करने की कवायद में जुट गई है। मामला नगर के इंदिरानगर स्थित राजकीय कन्या स्कूल की भूमि का है।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की बाउंड्री को लेकर बगल में स्थित स्कूल संचालक से लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। आरोप है कि निजी स्कूल संचालक ने कन्या स्कूल की बाउंड्री के अंदर घुसकर निर्माण करा लिया है। तहसील दिवस पर मिली शिकायत के बाद नायब तहसीलदार अवधेश राय के नेतृत्व में लेखपाल कृष्णभूषण दुबे, रामशंकर दुबे, गणेश त्रिपाठी, रामकरन गुप्ता, रामसमुझ की टीम रविवार की सुबह पैमाइश करने पहुंची।
कर्मचारी अभी पैमाइश शुरू करते, इससे पहले ही दूसरे पक्ष के लोग धमक पड़े। अपनी भूमि पर ही निर्माण के दावे करते हुए राजस्व टीम से विरोध जताने लगे। राजस्व कर्मचारियों की सूचना पर तहसीलदार विमल कुमार शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बातचीत अभी चल ही रही थी, तभी स्कूल संचालक दुव्र्यवहार करते हुए ईंट लेकर राजस्व टीम की ओर दौड़ पड़ा।
कर्मचारियों ने जैसे-तैसे खुद को बचाते हुए सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। राजस्व कर्मचारियों के साथ लेकर तहसीलदार विमल शुक्ला ने डीएम के कैंप कार्यालय पहुंच पूरे मामले की जानकारी दी। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कन्या स्कूल की भूमि पर बने निर्माण को भी हटवाने को कहा है। विवाद को लेकर जहां कर्मचारी सहमे हुए हैं, वहीं मौके पर तनाव की स्थिति भी बनी हुई है।
पहले भी हुआ विवाद, छात्राओं पर दर्ज हुआ था केस
राजकीय कन्या स्कूल की भूमि को लेकर विवाद पहले भी हो चुका है। अक्टूबर माह में विवाद के दौरान स्कूल संचालक ने विद्यालय की प्रधानाचार्य विभा चतुर्वेदी सहित दर्जनों छात्राओं पर लूट, बलवा, मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। दूसरी ओर से प्रधानाचार्य विभा चतुर्वेदी ने मारपीट और छेडख़ानी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।