खजुरिया रोड पर नगर पालिका अध्यक्ष के घर में घुसा पानी।
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सिद्धार्थनगर। सावन शुरू हुए सिर्फ चार दिन बीते हैं। इन चार दिनों की बारिश में पूरा नगर जलमग्न हो गया है। शुक्रवार की रात बारिश के बाद नाला, नाली, गड्ढे, पोखरे-तालाब ओवरफ्लो हो गए हैं। रास्ते पानी में डूब गए हैं। मकानों-दुकानों में भी पानी घुस गया है। यहां तक कि खजुरिया रोड पर स्थित नगर पालिका के चेयरमैन का मकान भी इसकी चपेट में आ गया है। इस मार्ग पर जलनिकासी का इंतजाम न होने से घंटों पानी लगा रहा। पीडब्ल्यूडी, ड्रेनेज खंड, जिला अस्पताल सहित तमाम सरकारी दफ्तरों के सामने पानी लगने से आवाजाही बाधित रही। जलजमाव से पूरा नगर त्राहि-त्राहि कर रहा है। लोग यह सोचकर चिंतित हैं कि सावन के शुरुआत में ही यह हाल है तो फिर आगे क्या हश्र होगा।
बारिश का सिलसिला दो दिनों से लगातार जारी है। जलनिकासी का समुचित इंतजाम न होने से नगर के नाले पहले ही जवाब दे चुके हैं। गुरुवार की रात हुई बारिश का पानी घंटों मशक्कत के बाद शुक्रवार की देर शाम तक जैसे-तैसे निकला था।
इस बीच शुक्रवार की रात फिर झमाझम बारिश ने सारी कसर निकाल दी है। आलम यह रहा कि पहले से लबालब ताल-पोखरे और गड्ढों का पानी रास्तों तक फैल गया। पीडब्लूडी की आवासीय कॉलोनी क्षेत्र में दोनों तरफ से पानी लगने के कारण रास्ता बाधित रहा। नगर के सिविल लाइन, इंदिरा नगर सहित कई क्षेत्रों में पानी भर गया। सबसे बुरी स्थिति खजुरिया रोड की रही। यहां सदर थाने की चौखट तक पानी पहुंच गया।
इसके आगे का रास्ता पूरी तरह पानी में डूबा रहा। इस मार्ग पर स्थित दुकानों, मकानों के अंदर पानी भरा रहा। नाला ओवरफ्लो होने से चेयरमैन जमील सिद्दीकी के मकान में भी पानी घुस गया। लोग अथक मशक्कत कर अपने घरों से पानी बाहर निकालते नजर आए। नगर पालिका के चेयरमैन मो.जमील सिद्दीकी ने बताया कि नगर पालिका के अधिकांश क्षेत्रों में जलनिकासी के मुकम्मल इंतजाम किए गए हैं, मगर पानी निकासी की भी सीमा होती है।
अचानक से अधिक बारिश होने के कारण पानी निकासी नहीं हो पाई। धीरे-धीरे यह पानी नालियों के माध्यम से निकल जाएगा। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, नौगढ़ पीएचसी वाले क्षेत्रों में जलनिकासी संबंधी प्रस्ताव शासन में लंबित है।