जन अधिकार मंच के तत्वाधान में बुधवार को लोहिया कला भवन में आयोजित जनसभा में कार्यकर्ताओं ने पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा का जोरदार स्वागत किया। विभिन्न समाज के लोगों ने सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए एकजुटता दिखाई।
सभा में बाबू सिंह कुशवाहा ने सभी समुदाय के लोगों को एक मंच पर आकर जन अधिकार मंच के माध्यम से प्रदेश में आबादी के अनुपात में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। बसपा में करीब 32 वर्षों तक काम किया है, लेकिन अब पार्टी अपने रास्ते से भटक गई है।
बसपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि मूल उद्देश्यों को दरकिनार करते हुए पार्टी शोषित व गरीबों को ठगने का काम कर रही है। प्रदेश में बसपा की तीन बार अल्पमत व 2007 में बहुमत की सरकार बनी, मगर जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष, डीसीबी व चेयरमैन से लेकर तमाम सरकारी बोर्डों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाने के साथ-साथ वंचितों व पिछड़ों को सरकारी नौकरी दिलाने का अवसर दिलाया, मगर साजिश के तहत मुझे भी इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया गया। एनआरएचएम घोटाले पर बिना अपराध मुझे जेल भेज दिया गया। चार साल जेल में रहने के बावजूद अति पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने मेरा हौसला बढ़ाया। इससे मुझे काफी बल मिला और अब सभी वंचितों और शोषितों के हक की लड़ाई में हमेशा आगे रहूंगा। प्रदेश में पिछड़ों की आबादी 54 प्रतिशत है लेकिन उन्हें सिर्फ 27 प्रतिशत ही माना जा रहा है।
उस 27 प्रतिशत में भी जो जातियां राजनीतिक रूप से मजबूत हैं, वे इसका ज्यादातर हिस्सा अपने नाम कर लेती हैं। कार्यक्रम का संचालन कर रहे भागीरथी सिंह लोधी ने कहा कि यह जनसंपर्क यात्रा 14 मार्च से शुरू हुई है जो प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 30 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान राम सनेही, मूलशजर निषाद, हरपाल प्रजापति, लखन लाल चौधरी, राकेश कुमार मौर्य, भागीरथी आदि मौजूद रहे।