सिद्धार्थनगर। शहर के प्रमुख मार्ग में शामिल स्टेशन रोड पर जाम की समस्या जल्द ही दूर हो जाएगी। रेल प्रशासन ने चहारदीवारी को पुराने स्थान पर करने का निर्णय लिया है। इसके तहत स्टेशन के पीछे बने नए चहारदीवारी को तोड़ने का कार्य शुरू हो गया है।
इससे चहारदीवारी लगभग आठ फीट पीछे चली जाएगी। जिससे हर घंटे ट्रेन आने के बाद शहर को ठहरना नहीं पड़ेगा और लगभग एक किलोमीटर लंबे स्टेशन रोड पर घंटों जाम से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
रेल प्रशासन के मुताबिक नक्शा के अनुरूप निर्माण कार्य नहीं हुआ था, इसलिए बदलाव किया गया। वहीं, विभागीय लोगों की मानें तो जाम से आम जनता को होने वाली परेशानी को देखते हुए रेल प्रशासन ने चहारदीवारी को पूर्व के स्थान पर फिर लाने का निर्णय लिया है। चहारदीवारी आगे बढ़ने पर लोगों ने विरोध भी जताया था। कारण जो भी हो रेलवे के इस फैसले इस मार्ग पर यात्रा करने वालों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
बता दें कि स्टेशन रोड पर ही शहर की पूरी मार्केट है। कपड़े से लेकर गहने और अन्य दुकानें हैं, जहां बड़ी संख्या में लोगों का हमेशा आना-जाना रहता है। इसी मार्ग पर विद्यामंदिर, सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज, बाल शिक्षा सदन कन्या इंटर कॉलेज, बुद्धविद्यापीठ पीजी कॉलेज, दो मैरिज हाॅल, शक्तिपीठ सिहेंश्वरी देवी मंदिर और उसका, लोटन होते हुए नेपाल बार्डर और कोल्हुई महराजगंज के लोगों का आना-जाना होता है। यहां तक कि खाली पड़े रेलवे भूमि में ही आसपास के दुकानदार और यहां आने वाले ग्राहक भी वाहनों की पार्किंग करते थे।
अतिक्रमण हटाकर कराया गया था निर्माण : शहर के सोहांस तिराहे से स्टेशन होते हुए सिद्धार्थ तिराहे तक रेलवे भूमि में बने स्टेशन रोड के दक्षिण तरफ की भूमि रेलवे की ही है।
रेलवे की तरफ से इस भूमि को सुरक्षित करने के लिए अतिक्रमण हटाकर चहारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा था। जिससे स्टेशन रोड संकरा हो गया था। चहारदीवारी के आगे आने के बाद स्कूली बच्चों के साथ ही लगभग एक लाख आबादी हर दिन जाम से परेशान होती थी।
जिसे अब काफी हद तक राहत मिल जाएगा। साथ ही रेलवे स्टेशन और रोडवेज स्टेशन आने-जाने वालों को राहत मिलेगी। क्योंकि हर घंटे ट्रेन आने के बाद जब यात्री बाहर आते हैं तो जाम हो जाती है।